शारदीय नवरात्रि पर सिद्धिदात्री दरबार में चार शक्तिपीठों की अखंड ज्योति प्रज्वलन, श्रद्धालुओं का दल रवाना

कोरबा।शारदीय नवरात्रि के पावन अवसर पर कोरबा जिले के देवपहरी स्थित मां सिद्धिदात्री के दरबार में एक अनूठा धार्मिक आयोजन होने जा रहा है। इस वर्ष, देश की चार प्रमुख शक्तिपीठों से अखंड ज्योति लाकर नवनिर्मित हिंगलाजगढ़ में स्थापित की जाएगी। इस शुभ कार्य के लिए शहर के प्रमुख नागरिकों का एक समूह पावागढ़ (गुजरात) और वैष्णो देवी (जम्मू-कश्मीर) से अखंड ज्योति लाने के लिए रवाना हुआ है।

चार शक्तिपीठों की अखंड ज्योति का प्रज्वलन

आयोजन के तहत, गुजरात के प्रसिद्ध पावागढ़ शक्तिपीठ की कालिका देवी और जम्मू-कश्मीर के कटरा स्थित वैष्णो देवी की अखंड ज्योति कोरबा लाई जा रही है। नवमी के दिन इन ज्योतियों को मां सिद्धिदात्री के दरबार में प्रज्वलित किया जाएगा। यह आयोजन धार्मिक सद्भाव और आस्था को बढ़ावा देने वाला माना जा रहा है।

श्रद्धालुओं का दल रवाना

ज्योति यात्रा के लिए रवाना हुए श्रद्धालुओं में किशोर भाई पटेल, दिनेश भाई पटेल, कैलाश भाई टांक, रविंद्र भाई टांक, प्रकाश पटेल, तुषार मोदी, और प्रथम अग्रवाल शामिल हैं। विदाई समारोह में हनुमान चालीसा का पाठ किया गया। इस अवसर पर गोपाल मोदी, किशोर बुटोलिया, गोपाल अग्रवाल, सुरेश चौहान, अतुल चौहान, तुषार चौहान, अमृतलाल बजाज, मातृशक्ति, और विभिन्न समाजों के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।

जलाराम मंदिर में विशेष पूजन

यात्रा से पहले डीडीएम स्कूल रोड स्थित संत श्री जलाराम मंदिर में वैदिक विधि-विधान से विशेष पूजा-अर्चना की गई। मंदिर के पुजारी ने पूजा संपन्न कर यात्रियों की यात्रा की सफलता के लिए प्रार्थना की। पावागढ़ गए दल को वहां के मंदिर पुजारी ने अखंड ज्योति कलश सौंपा, जिसे दिनेश पटेल, रविंद्र टांक, और किशोर पटेल लेकर कोरबा के लिए रवाना हुए। यह दल गुरुवार शाम तक कोरबा पहुंचेगा।

भोग भंडारा और सामुदायिक आयोजन

गुरुवार को डीडीएम रोड स्थित जलाराम मंदिर में ज्योति कलश का पूजन, संध्या आरती, और हनुमान चालीसा का पाठ होगा। इसके बाद भोग भंडारा प्रसाद का आयोजन किया जाएगा। श्री जलाराम मंदिर सेवा समिति और गुजराती समाज ने सभी श्रद्धालुओं से इस पवित्र आयोजन में शामिल होने और पुण्य लाभ अर्जित करने का आह्वान किया है।

धार्मिक महत्व

यह आयोजन कोरबा में धार्मिक एकता और आध्यात्मिकता को बढ़ावा देने वाला एक महत्वपूर्ण कदम है। चार शक्तिपीठों की अखंड ज्योति का प्रज्वलन न केवल श्रद्धालुओं की आस्था को मजबूत करेगा, बल्कि क्षेत्र में धार्मिक सद्भाव को भी प्रोत्साहित करेगा। स्थानीय समुदाय इस आयोजन को लेकर उत्साहित है और इसे नवरात्रि के उत्सव का एक अभिन्न हिस्सा मान रहा है।