रायपुर में ‘न्यूड पार्टी’ का भंडाफोड़, 7 आरोपी गिरफ्तार, पुलिस ने रद्द किया आयोजन

रायपुर। छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में ‘न्यूड पार्टी’ और ‘स्ट्रेंजर पूल पार्टी’ के वायरल पोस्टरों ने हड़कंप मचा दिया। सोशल मीडिया पर तेजी से फैले इन पोस्टरों में 21 सितंबर को भाठागांव के एक फार्महाउस में अश्लील थीम वाली पार्टी के आयोजन की बात सामने आई, जिसमें शराब, ड्रग्स और न्यूड थीम का जिक्र था। मामला उजागर होने के बाद पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए दो अलग-अलग FIR दर्ज कीं और 7 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया।

पुलिस ने SS फार्महाउस के मालिक संतोष गुप्ता (रिटायर्ड एग्जीक्यूटिव इंजीनियर, छत्तीसगढ़ गृह निर्माण मंडल), आयोजक संतोष जेवानी, अजय महापात्रा, सोशल मीडिया प्रमोटर अवनीश गंगवानी, डिजिटल प्रमोटर जेम्स बैक, दीपक सिंह और देवेंद्र कुमार को हिरासत में लिया है। इनके खिलाफ IT एक्ट, अश्लीलता फैलाने और अन्य गंभीर धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है।

पार्टी का विवरण:

एंट्री फीस: प्रति व्यक्ति ₹40,000, कपल के लिए ₹1 लाख।

समय: रात 1 बजे से सुबह 6 बजे तक।

सुविधाएं: शराब, हेरोइन, एमडीएमए जैसे ड्रग्स, कमरों की व्यवस्था।

मेहमान: 18-20 चुनिंदा लोग।

खर्च: एक इवेंट पर करीब ₹10 लाख।

‘स्ट्रेंजर पार्टी’ की एंट्री फीस ₹2,000 से ₹5,000 थी, जिसमें शराब अलग से खरीदनी थी।


कैसे हुआ खुलासा?
इंस्टाग्राम अकाउंट @sinful_writer1 के जरिए पोस्टर वायरल होने के बाद कांग्रेस नेताओं और हिंदू संगठनों ने विरोध जताया। कांग्रेस नेता कन्हैया अग्रवाल ने इसे रायपुर की सांस्कृतिक छवि के खिलाफ बताया। शिकायत मिलने पर क्राइम ब्रांच ने छापेमारी की योजना बनाई और आयोजकों को कार्यक्रम शुरू होने से पहले ही पकड़ लिया।

महिला आयोग की कार्रवाई:
छत्तीसगढ़ राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष डॉ. किरणमयी नायक ने मामले का संज्ञान लेते हुए पुलिस अधीक्षक और साइबर सेल से 48 घंटे में रिपोर्ट मांगी है।

पुलिस की प्रतिक्रिया:
SSP लाल उमेद सिंह ने बताया कि हाइपर क्लब में न्यूड पार्टी और स्ट्रेंजर हाउस पार्टी के पोस्टर वायरल होने की सूचना मिली थी। क्लब ऑपरेटर जेम्स बैक सहित अन्य आरोपियों से पूछताछ जारी है। पार्टी रद्द कर दी गई है और संबंधित इंस्टाग्राम अकाउंट डिलीट कर दिया गया है। पुलिस के अनुसार, 21 युवक-युवतियों ने इस इवेंट के लिए ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन करवाया था।

वर्तमान स्थिति:
पुलिस ने आयोजन को पूरी तरह रद्द करवा दिया है और मामले की गहन जांच जारी है। यह घटना शहर में सांस्कृतिक मूल्यों और कानून-व्यवस्था को लेकर एक बड़ा विवाद बन गई है।