कोरबा ईस्ट की विद्युत कॉलोनी उजड़ी, अस्तित्व बचा शनि मंदिर का

कोरबा। सीएसईबी ने कोरबा ईस्ट स्थित अपनी कॉलोनी के 400 से अधिक आवासों को सुरक्षा कारणों से ध्वस्त कर दिया। अब यह कॉलोनी पूरी तरह उजड़ चुकी है। इसके बावजूद कॉलोनी के बीच स्थित भगवान शनि का मंदिर अब भी श्रद्धालुओं की आस्था का केंद्र बना हुआ है। यही वजह है कि उजाड़ माहौल के बीच भी यहां का वातावरण बोझिल नहीं हो पाया।

कोरबा ईस्ट की यह कॉलोनी पूर्ववर्ती मध्यप्रदेश विद्युत मंडल के समय से बसाई गई थी। छत्तीसगढ़ बनने के बाद इसका नाम बदला, लेकिन समय के साथ यहां कर्मचारियों की संख्या घटने लगी। कई लोग सेवानिवृत्त होकर लौट गए तो कई अपने मूल स्थानों पर चले गए। खाली पड़े आवासों पर धीरे-धीरे अपात्र लोगों ने कब्जा कर लिया। वे मुफ्त में न केवल आवासों में रहने लगे बल्कि कंपनी का पानी और बिजली भी इस्तेमाल करने लगे। इससे हर महीने कंपनी को लाखों का नुकसान हो रहा था। साथ ही मकानों में जर्जरता और टूट-फूट बढऩे से सुरक्षा संकट भी खड़ा हो गया।

नतीजतन कंपनी ने एक तय रणनीति के तहत लोगों को बाहर कर आवासों को ध्वस्त कर दिया। कॉलोनी बसने के दौरान ही कुछ लोगों ने मिलकर यहां शनि मंदिर का निर्माण कराया था। तब से यहां हर शनिवार और अमावस्या को विशेष पूजा होती रही है। शनि जयंती पर भव्य आयोजन होते रहे, जबकि प्रतिदिन भी श्रद्धालुओं की उपस्थिति बनी रहती है।

आज भले ही कॉलोनी उजड़ चुकी हो, लेकिन मंदिर अपनी मूल अवस्था में सुरक्षित है। स्थानीय लोग मानते हैं कि या तो किसी दिव्य प्रभाव से मंदिर अब तक बचा हुआ है या फिर सीएसईबी प्रबंधन विवाद से बचने के लिए यहां छेड़छाड़ करने से परहेज कर रहा है।