प्राथमिक शाला के प्रधानपाठक रत्नाकर खुटिया निलंबित, वित्तीय अनियमितता और मनमानी के आरोप

पत्थलगांव।जशपुर जिले के किलकिला के समीप ग्राम नारायणपुर स्थित शासकीय प्राथमिक शाला के प्रधानपाठक रत्नाकर खुटिया को वित्तीय अनियमितता और मनमाने रवैये के आरोप में तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। स्कूल की रसोइया धनेश्वरी बाई, स्थानीय ग्रामीणों और भाजपा ग्रामीण मंडल कार्यकर्ताओं की शिकायतों के बाद विभागीय जांच में कई गंभीर अनियमितताएं सामने आईं।

शिकायतें और जांच

ग्रामीणों और भाजपा कार्यकर्ताओं ने विधायक पत्थलगांव को प्रधानपाठक के मनमाने व्यवहार और गांव में राजनीति को बढ़ावा देने की शिकायत दी थी। विभागीय जांच में पाया गया कि:

रसोइया को बिना पूर्व सूचना के कार्य से हटा दिया गया।

शाला विकास समिति का गठन मनमाने तरीके से किया गया।

वर्ष 2024-25 में प्राप्त अनुदान राशि का उपयोग नियमों के अनुरूप नहीं हुआ।

खरीदी गई सामग्रियों की प्रविष्टि स्टॉक पंजी में दर्ज नहीं की गई।

इन कृत्यों को छत्तीसगढ़ सिविल सेवा आचरण नियम 1965 और वित्तीय अनियमितता की श्रेणी में माना गया।

निलंबन की कार्रवाई

छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण तथा अपील) नियम 1966 के तहत रत्नाकर खुटिया को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया। निलंबन अवधि में उनका मुख्यालय विकासखंड शिक्षा अधिकारी कार्यालय, कांसाबेल नियत किया गया है, जहां उन्हें नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ता प्राप्त होगा।

ग्रामीणों में संतुष्टि, कार्रवाई की मांग

शिकायतकर्ताओं ने निलंबन कार्रवाई का स्वागत किया है, लेकिन उनका कहना है कि इस मामले की गहन जांच होनी चाहिए ताकि भविष्य में ऐसी अनियमितताएं न हों। यह घटना शिक्षा विभाग में पारदर्शिता और जवाबदेही की जरूरत को रेखांकित करती है।