बिलासपुर। हटिया-दुर्ग एक्सप्रेस ट्रेन में बुधवार तड़के एक सनसनीखेज घटना सामने आई है, जिसमें भारत-तिब्बत सीमा पुलिस (ITBP) के एक सहायक उप-निरीक्षक (ASI) और प्रधान आरक्षक के पिट्ठू बैग की चोरी हो गई। बैग में सर्विस रिवॉल्वर, चार मैगजीन, 24 जिंदा कारतूस, 10 हजार रुपये नकद और एक मोबाइल फोन रखा था। इस घटना ने रेलवे और सरकारी रेलवे पुलिस (GRP) में हड़कंप मचा दिया है। चांपा से भाटापारा के बीच हुई इस चोरी की जांच के लिए GRP और RPF की टीमें सक्रिय हो गई हैं।
जानकारी के अनुसार, रांची की 40वीं ITBP बटालियन में तैनात ASI योगेंद्र प्रसाद ओझा, प्रधान आरक्षक (टेलीकॉम) जितेंद्र सिंह और आरक्षक बुद्धदेव मलिक ड्यूटी के लिए हटिया से दुर्ग जा रहे थे। तीनों जवानों के पास रिजर्वेशन नहीं होने के कारण वे जनरल कोच में सफर कर रहे थे। बैग में ASI और प्रधान आरक्षक ने अपने सर्विस हथियार, चार मैगजीन, 24 जिंदा कारतूस, एक मोबाइल और 10 हजार रुपये नकद रखे थे।
यात्रा के दौरान रात करीब 3 बजे चांपा स्टेशन के पास जवानों को नींद आ गई। सुबह 5:50 बजे भाटापारा स्टेशन पर जब उनकी नींद खुली, तो बैग गायब था। ASI ओझा ने तुरंत रेलवे कंट्रोल रूम को सूचना दी और बताया कि वे बिलासपुर आ रहे हैं। बिलासपुर पहुंचने पर तीनों ने GRP को इस घटना की लिखित शिकायत दी।
घटना की सूचना मिलते ही GRP, RPF और RPF की क्राइम ब्रांच की टीमें जांच में जुट गईं। चांपा से भाटापारा तक के सभी स्टेशनों के सीसीटीवी फुटेज खंगाले गए, लेकिन कोई संदिग्ध व्यक्ति या गतिविधि कैमरे में नहीं दिखी। जांच के दौरान बिलासपुर में स्टेशन चौक से तितली चौक के बीच झाड़ियों में जवानों के कुछ दस्तावेज और कपड़े बरामद हुए, लेकिन बैग, सर्विस रिवॉल्वर और कारतूस का कोई सुराग नहीं मिला।
ITBP के तीनों जवान डोंगरगढ़ में ड्यूटी जॉइन करने के लिए हटिया से दुर्ग जा रहे थे। उनकी योजना दुर्ग स्टेशन से ट्रेन के जरिए डोंगरगढ़ पहुंचने की थी। हालांकि, इस घटना ने उनकी ड्यूटी को प्रभावित कर दिया। ITBP मुख्यालय ने इस घटना को गंभीर लापरवाही मानते हुए तीनों जवानोंASI योगेंद्र प्रसाद ओझा,हेड कॉन्स्टेबल जितेंद्र सिंह और कॉन्स्टेबल बुद्धदेव मलिक को निलंबित करने का निर्णय लिया है, हालांकि इसकी आधिकारिक पुष्टि अभी बाकी है।
सर्विस रिवॉल्वर और जिंदा कारतूस जैसे संवेदनशील सामान की चोरी ने रेलवे और ITBP की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। यह घटना रेलवे के जनरल कोच में सुरक्षा की कमी को भी उजागर करती है। स्थानीय लोगों और यात्रियों ने मांग की है कि रेलवे को ट्रेनों में गश्त और निगरानी बढ़ानी चाहिए ताकि इस तरह की घटनाओं को रोका जा सके।
GRP और RPF की टीमें बैग और हथियारों की बरामदगी के लिए लगातार छानबीन कर रही हैं। पुलिस ने आसपास के क्षेत्रों में भी तलाशी अभियान शुरू किया है और संदिग्धों से पूछताछ की जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि यह एक गंभीर मामला है और चोरों को पकड़ने के लिए सभी संभावित सुरागों पर काम किया जा रहा है। इसके साथ ही, ITBP ने भी इस मामले की आंतरिक जांच शुरू कर दी है ताकि यह पता लगाया जा सके कि जवानों की लापरवाही का इसमें कितना योगदान था।
यह घटना कोरबा और बिलासपुर में चर्चा का विषय बनी हुई है। सोशल मीडिया पर लोग इस चोरी को रेलवे की सुरक्षा व्यवस्था में बड़ी चूक बता रहे हैं। कई लोगों ने सवाल उठाया है कि इतने संवेदनशील सामान के साथ यात्रा कर रहे जवानों को जनरल कोच में सफर करने की अनुमति कैसे दी गई।
इस घटना ने रेलवे और सुरक्षा बलों की तैयारियों पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं।
Editor – Niraj Jaiswal
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