लीलागर नदी के उफान से हरदी बाजार-पाली रेकी रोड बंद, ग्रामीणों की मुश्किलें बढ़ीं

कोरबा। जिले के हरदी बाजार से पाली को जोड़ने वाला मुख्य मार्ग, रेकी रोड, लीलागर नदी के उफान के कारण गुरुवार को पूरी तरह बंद हो गया। बुधवार रात हुई मूसलधार बारिश के बाद नदी का जलस्तर अचानक बढ़ गया, जिसके कारण रेकी रोड पर बना छोटा पुल पानी में डूब गया। पुल के ऊपर से पानी का तेज बहाव होने के कारण ग्रामीणों और राहगीरों का आवागमन ठप हो गया है।

पुल पर पानी का दबाव, आवागमन रुका

लीलागर नदी पर बना यह छोटा पुल हरदी बाजार, पाली, और आसपास के गांवों के लिए आवागमन का प्रमुख साधन है। गुरुवार सुबह नदी का जलस्तर इतना बढ़ गया कि पुल के ऊपर से पानी बहने लगा। तेज बहाव के कारण लोग जोखिम उठाने की हिम्मत नहीं कर पा रहे हैं। एक स्थानीय निवासी, रमेश यादव ने बताया, “पुल पर इतना पानी और दबाव है कि कोई भी इसे पार करने की हिम्मत नहीं कर रहा। इससे हमारा रोज का काम, बच्चों की पढ़ाई, और जरूरी यात्राएं प्रभावित हो रही हैं।”

हर साल की समस्या

स्थानीय लोगों का कहना है कि मानसून के दौरान लीलागर नदी का उफान हर साल की समस्या है। बारिश के मौसम में नदी का जलस्तर बढ़ने से पुल पर पानी बहने लगता है, जिससे यह मार्ग बार-बार बंद हो जाता है। एक ग्रामीण, शांति देवी ने कहा, “हर साल यही हाल होता है। प्रशासन को इसकी जानकारी है, लेकिन कोई स्थायी समाधान नहीं किया गया। एक बड़ा और ऊंचा पुल बनाया जाए ताकि बारिश में भी आवागमन बाधित न हो।” ग्रामीणों ने बताया कि इस मार्ग के बंद होने से न केवल दैनिक कार्य प्रभावित हो रहे हैं, बल्कि आपातकालीन सेवाओं तक पहुंचने में भी दिक्कत हो रही है।

जनजीवन पर असर

रेकी रोड के बंद होने से हरदी बाजार, पाली, और आसपास के गांवों के लोगों की दिनचर्या बुरी तरह प्रभावित हुई है। कई लोग अपने कार्यस्थल या स्कूल समय पर नहीं पहुंच पाए। किसानों को भी बाजार तक पहुंचने में परेशानी हो रही है, जिससे उनकी आजीविका पर असर पड़ रहा है। एक स्थानीय दुकानदार, राजेश साहू ने कहा, “यह मार्ग हमारे लिए लाइफलाइन है। इसके बंद होने से व्यापार और रोजमर्रा की जिंदगी ठप हो गई है। प्रशासन को तुरंत इस पर ध्यान देना चाहिए।”

प्रशासन से स्थायी समाधान की मांग

ग्रामीणों ने जिला प्रशासन से मांग की है कि लीलागर नदी पर एक ऊंचा और मजबूत पुल बनाया जाए ताकि बारिश के मौसम में आवागमन बाधित न हो। इसके साथ ही, नदी के किनारों पर बाढ़ नियंत्रण के उपाय और बेहतर जल निकासी व्यवस्था की भी मांग की गई है। सनातन संघर्ष समिति के एक सदस्य, अजय दुबे ने कहा, “हर साल बारिश में यह समस्या दोहराई जाती है। प्रशासन को अब स्थायी समाधान निकालना होगा। एक ऊंचा पुल और नदी के किनारों की मरम्मत जरूरी है।”

प्रशासन की प्रतिक्रिया

जिला प्रशासन ने बताया कि वे स्थिति पर नजर रखे हुए हैं और जल्द ही वैकल्पिक व्यवस्था करने की कोशिश कर रहे हैं। एक अधिकारी ने कहा, “हमने संबंधित विभागों को स्थिति का जायजा लेने और तत्काल राहत के उपाय करने के निर्देश दिए हैं। लंबे समय के लिए एक मजबूत पुल के निर्माण पर भी विचार किया जा रहा है।” हालांकि, ग्रामीणों का कहना है कि केवल आश्वासनों से काम नहीं चलेगा, और तत्काल कार्रवाई की जरूरत है।

आगे की चुनौती

लीलागर नदी के उफान ने एक बार फिर कोरबा जिले में बुनियादी ढांचे की कमियों को उजागर किया है। रेकी रोड का बंद होना न केवल स्थानीय लोगों के लिए परेशानी का सबब है, बल्कि यह क्षेत्र की आर्थिक और सामाजिक गतिविधियों पर भी असर डाल रहा है। अब यह देखना बाकी है कि प्रशासन इस समस्या का कितनी जल्दी और प्रभावी ढंग से समाधान करता है, ताकि भविष्य में ऐसी स्थिति से बचा जा सके।