कोरबा।जिले में पिछले 24 घंटों से लगातार हो रही मूसलाधार बारिश ने जनजीवन को अस्त-व्यस्त कर दिया है। सतरेंगा से गढ़उपरोड़ा को जोड़ने वाले मुख्य मार्ग पर बुधवार रात भूस्खलन के कारण एक बड़ा हादसा टल गया। पहाड़ी से चट्टानों का एक विशाल हिस्सा टूटकर सड़क पर आ गिरा, जिससे मार्ग पूरी तरह अवरुद्ध हो गया। सड़क पर भारी मात्रा में मलबा जमा होने के कारण आवागमन पूरी तरह ठप हो गया है।
महत्वपूर्ण मार्ग पर आवागमन बाधित
सतरेंगा-गढ़उपरोड़ा मार्ग कोरबा जिले का एक प्रमुख संपर्क मार्ग है, जो न केवल स्थानीय ग्रामीणों के लिए महत्वपूर्ण है, बल्कि पर्यटकों के लिए भी आकर्षण का केंद्र है। इस मार्ग से रोजाना सैकड़ों ग्रामीण और पर्यटक आवागमन करते हैं। प्राकृतिक सौंदर्य और घने जंगलों से घिरा यह क्षेत्र पर्यटकों के बीच खासा लोकप्रिय है। हालांकि, भूस्खलन के बाद सड़क बंद होने से स्थानीय लोगों और पर्यटकों को भारी असुविधा का सामना करना पड़ रहा है।
प्रशासन की सुस्ती पर ग्रामीणों में नाराजगी
घटना की सूचना मिलते ही मौके पर ग्रामीणों की भीड़ जमा हो गई और प्रशासन को तुरंत सूचित किया गया। ग्रामीणों का कहना है कि भूस्खलन के कई घंटे बीत जाने के बावजूद मलबा हटाने का कार्य शुरू नहीं हुआ है। स्थानीय निवासी रमेश कोर्राम ने बताया, “यह मार्ग हमारे लिए जीवन रेखा की तरह है। सड़क बंद होने से न केवल हमारा रोजमर्रा का काम प्रभावित हो रहा है, बल्कि आवश्यक सामान और सेवाओं की आपूर्ति भी रुक गई है। प्रशासन को तुरंत कार्रवाई करनी चाहिए।”
बारिश और भूस्खलन का खतरा बरकरार
मौसम विभाग के अनुसार, कोरबा जिले में अगले कुछ दिनों तक बारिश जारी रहने की संभावना है। भारी बारिश के कारण पहाड़ी क्षेत्रों में भूस्खलन का खतरा और बढ़ गया है। जिला प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे अनावश्यक यात्रा से बचें और विशेष रूप से सतरेंगा-गढ़उपरोड़ा मार्ग का उपयोग न करें। प्रशासन ने यह भी आश्वासन दिया है कि स्थिति पर नजर रखी जा रही है और मलबा हटाने के लिए जल्द ही मशीनरी और कर्मचारी तैनात किए जाएंगे।
राहत और बचाव कार्य शुरू करने की मांग
स्थानीय लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि मलबा हटाने के साथ-साथ भूस्खलन की संभावना वाले क्षेत्रों की जांच की जाए ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोका जा सके। पर्यटक गिरीश साहू ने कहा, “हम इस क्षेत्र की प्राकृतिक सुंदरता देखने आए थे, लेकिन सड़क बंद होने से हमारी यात्रा अधूरी रह गई। प्रशासन को ऐसी आपदाओं से निपटने के लिए पहले से तैयार रहना चाहिए।”
प्रशासन का बयान
जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के एक अधिकारी ने बताया कि मलबा हटाने के लिए मशीनरी और टीमें जल्द ही घटनास्थल पर पहुंचेंगी। उन्होंने कहा, “हम स्थिति की गंभीरता को समझते हैं और प्राथमिकता के आधार पर मार्ग को खोलने का कार्य शुरू किया जाएगा। साथ ही, बारिश और भूस्खलन की स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है।”
लोगों से सतर्कता बरतने की अपील
प्रशासन ने स्थानीय लोगों और पर्यटकों से अपील की है कि वे मौसम की स्थिति को देखते हुए सावधानी बरतें। भूस्खलन के खतरे को देखते हुए पहाड़ी क्षेत्रों में यात्रा करने से पहले स्थानीय प्रशासन से संपर्क कर स्थिति की जानकारी लेने की सलाह दी गई है।
कोरबा जिले में बारिश और भूस्खलन के कारण उत्पन्न हुई इस स्थिति ने एक बार फिर प्राकृतिक आपदाओं से निपटने के लिए बेहतर तैयारी और बुनियादी ढांचे की आवश्यकता को रेखांकित किया है। प्रशासन से उम्मीद की जा रही है कि वह जल्द से जल्द मार्ग को बहाल कर लोगों की परेशानियों को कम करेगा।
Editor – Niraj Jaiswal
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