हैवी ब्लास्टिंग से मंदिर की छत गिरी, ग्रामीणों में दहशत

कोरबा। जोखिम भरे क्षेत्रों के आसपास घनी आबादी भी है और लोगों की परिसंपत्तियां। इस बात से साऊथ ईस्टर्न कोलफिल्ड्स लिमिटेड को कोई लेना-देना नहीं रह गया है। आए दिन गंभीर हादसे हो रहे है। हरदीबाजार में खदान की हैवी ब्लास्टिंग ने तो एक मंदिर की छत उड़ा दी। इस घटना से आसपास के लोग सहमे हुए है।

कोरबा जिले में एसईसीएल की खदानों के आसपास हैवी ब्लास्टिंग के कारण हो रही घटनाएं जनसुरक्षा और जन स्वास्थ्य के लिए बड़ा खतरा बनी हुई है। खबर के अनुसार हरदीबाजार में ऐसी ही एक घटना हुई जिसमें मुख्य बस्ती में स्थित भगवान शिवजी के मंदिर का छत एसईसीएल दीपका प्रोजेक्ट द्वारा किए जा रहे ,हैवी ब्लास्टिंग से भरभरा कर गिर गया।

गनीमत थी  कि इस दौरान मंदिर में कोई पूजा अर्चना नहीं कर रहा था,अन्यथा बड़ी दुर्घटना हो सकती थी। बताया गया कि  एसईसीएल दीपका प्रोजेक्ट के निकट स्थित ग्राम -हरदी बाजार से कोयला खदान मात्र 300 मीटर की दूरी पर स्थित है। जिसमें की जा रही हैवी ब्लास्टिंग से आये दिन ग्राम वासियों के मकानों की छत टूट रही है।

हालिया घटनाक्रम को लेकर सनातन संघर्ष समिति के अध्यक्ष अजय दुबे ने बताया कि मानवीय गलती के कारण हरदीबाजार में इस प्रकार की घटनाएं हो रही है जो हमारे लिए सिरदर्द है। निजी के साथ-साथ धार्मिक महत्व के स्थानों में हो रही क्षति की भरपाई न केवल एक सवाल है बल्कि चिंता का विषय है। इससे पहले भी कई ऐसे मामले यहां हो चुके है लेकिन प्रबंधन ने न तो गंभीरता से लिया और न ही कोई कार्यवाही की। तय किया गया है कि क्षेत्र के संपूर्ण अधिग्रहण न होने तक अगर ऐसा कुछ होता है तो पूरी रिकव्हरी प्रबंधन से कराई जाए।

जूं नहीं रेंग रही कानों में
ग्रामीणों का आरोप है कि कोयला खनन से संबंधित गतिविधियों के चक्कर में पास के रिहायशी इलाके मुश्किल में है। इस बारे में ग्राम वासियों द्वारा अनेक बार जिला प्रशासन, स्थानीय तहसीलदार एवं एसईसीएल प्रबंधन को अवगत कराया जा चुका है। इसके बाद भी इनके कानों में जूं तक नहीं रेंगी।

लोगों की मांग है कि एसईसीएल दीपका प्रबंधन व्यापक जनहित में हैवी ब्लास्टिंग को बंद करें। इसके साथ ही मंदिर को हुए नुकसान सहित पहले की सभी घटनाओं में पीडि़त पक्ष को पर्याप्त क्षतिपूर्ति उपलब्ध कराए।