जिला पटवारी संघ के अध्यक्ष 9,000 रुपये की रिश्वत लेते रंगेहाथ गिरफ्तार

खैरागढ़ में एंटी करप्शन ब्यूरो (एसीबी) ने बुधवार को बड़ी कार्रवाई करते हुए जिला पटवारी संघ के अध्यक्ष और हल्का पटवारी क्रमांक 42-43 मंडला के पटवारी धर्मेंद्र कांडे को 9,000 रुपये की रिश्वत लेते रंगेहाथ गिरफ्तार किया। यह कार्रवाई जिले में भ्रष्टाचार के खिलाफ अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाइयों में से एक मानी जा रही है।

रिश्वत की मांग और शिकायत

जानकारी के अनुसार, ग्राम डोकराभांठा के किसान भागचंद कुर्रे से पर्चा और फौती उठाने के लिए पटवारी धर्मेंद्र कांडे ने 10,000 रुपये की रिश्वत मांगी थी। आर्थिक रूप से कमजोर किसान इस राशि का भुगतान करने में असमर्थ था, जिसके बाद 9,000 रुपये में सौदा तय हुआ। परेशान किसान ने इसकी शिकायत एसीबी से की, जिसके आधार पर टीम ने जाल बिछाया।

रंगेहाथ गिरफ्तारी

एसीबी की पूर्व नियोजित योजना के तहत, जैसे ही किसान ने 9,000 रुपये धर्मेंद्र कांडे को सौंपे, एसीबी की टीम ने न्यायालय परिसर के सामने स्थित पटवारी के अस्थायी कार्यालय में छापा मारकर उसे गुलाबी नोटों सहित धर दबोचा। पूछताछ में कांडे ने रिश्वत लेने की बात कबूल कर ली।

पुलिस कार्रवाई

कार्रवाई का नेतृत्व कर रहे डीएसपी राजेश चौधरी ने बताया कि किसान की शिकायत पर त्वरित कार्रवाई की गई और आरोपी पटवारी को विधिवत गिरफ्तार कर लिया गया। यह कार्रवाई भ्रष्टाचार के खिलाफ एसीबी की सख्त नीति को दर्शाती है।

स्थानीय प्रतिक्रिया

धर्मेंद्र कांडे की गिरफ्तारी की खबर खैरागढ़ में आग की तरह फैल गई। उनके निजी कार्यालय के बाहर भीड़ जुट गई, और कई पटवारी एकजुट होकर नारे लगाने लगे, “धर्मेंद्र भैया, हम आपके साथ हैं।” कांडे के जिला पटवारी संघ के अध्यक्ष होने के कारण यह घटना स्थानीय स्तर पर चर्चा का विषय बन गई है।

भ्रष्टाचार पर लगाम

एसीबी की इस कार्रवाई को खैरागढ़ जिले में भ्रष्टाचार पर लगाम कसने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। यह घटना सरकारी तंत्र में पारदर्शिता और जवाबदेही की आवश्यकता को रेखांकित करती है।