सुप्रीम कोर्ट से दिलीप मिरी को राहत, जिला बदर आदेश रद्द, आज भव्य स्वागत

कोरबा। छत्तीसगढ़िया क्रांति सेना के प्रदेश अध्यक्ष और अधिवक्ता दिलीप मिरी को सुप्रीम कोर्ट से बड़ी राहत मिली है। कोरबा जिला कलेक्टर द्वारा उनके खिलाफ जारी जिला बदर के आदेश को सुप्रीम कोर्ट ने गैर-वाजिब करार देते हुए रद्द कर दिया है। इस फैसले के बाद दिलीप मिरी अब अपने गृह जिले कोरबा में वापसी कर सकेंगे।

भव्य स्वागत की तैयारी

दिलीप मिरी की वापसी पर छत्तीसगढ़िया क्रांति सेना के कार्यकर्ताओं और समर्थकों में उत्साह का माहौल है। संगठन ने 2 सितंबर 2025 को दोपहर 1 बजे कोरबा में उनके भव्य स्वागत की योजना बनाई है। इस दौरान बड़ी संख्या में सेना के कार्यकर्ता और समर्थक मौजूद रहेंगे। स्वागत समारोह में उत्साह और एकजुटता का प्रदर्शन होने की उम्मीद है।

सुप्रीम कोर्ट का फैसला

कोरबा जिला प्रशासन ने दिलीप मिरी के खिलाफ जिला बदर का आदेश जारी किया था, जिसे उन्होंने सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी। सुप्रीम कोर्ट ने मामले की सुनवाई के बाद आदेश को गैर-कानूनी मानते हुए रद्द कर दिया। यह फैसला न केवल मिरी के लिए, बल्कि छत्तीसगढ़िया क्रांति सेना के लिए भी एक बड़ी जीत माना जा रहा है।

यह घटना कोरबा में सामाजिक और राजनीतिक हलकों में चर्चा का विषय बनी हुई है, और मिरी की वापसी से संगठन की गतिविधियों में और तेजी आने की संभावना है।