एनएचएम कार्यकर्ताओं की बाइक रैली, मांगों को लेकर मुख्य मार्ग पर जोरदार प्रदर्शन

कोरबा जिले में राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (एनएचएम) के कार्यकर्ताओं ने अपनी लंबित मांगों को लेकर सोमवार को एक बाइक रैली निकाली। यह रैली कोरबा के मुख्य मार्गों पर भ्रमण करते हुए आयोजित की गई, जिसमें बड़ी संख्या में एनएचएम कार्यकर्ता शामिल हुए। रैली के दौरान आंदोलनकारी अपनी मांगों के समर्थन में जोरदार नारेबाजी करते हुए प्रशासन का ध्यान आकर्षित करने का प्रयास कर रहे थे।

रैली का उद्देश्य और मांगें

एनएचएम कार्यकर्ता लंबे समय से नियमित नौकरी, सामाजिक सुरक्षा, बेहतर वेतन, और अन्य लाभों की मांग कर रहे हैं। इससे पहले भी कोरबा में एनएचएम कर्मचारियों ने विभिन्न तरीकों से प्रदर्शन किए हैं, जिसमें पीपीई किट पहनकर भीख मांगना और नृत्य प्रदर्शन शामिल हैं। सोमवार को आयोजित बाइक रैली उनके आंदोलन का एक नया रूप थी, जिसका उद्देश्य उनकी मांगों को और प्रभावी ढंग से प्रशासन तक पहुंचाना था।

कोरबा के मुख्य मार्गों पर भ्रमण

रैली में शामिल कार्यकर्ताओं ने कोरबा के प्रमुख मार्गों पर बाइक से भ्रमण किया। इस दौरान वे अपनी मांगों को लेकर नारे लगाते हुए शहर के विभिन्न हिस्सों में पहुंचे। रैली ने स्थानीय लोगों का ध्यान खींचा और एनएचएम कार्यकर्ताओं की समस्याओं को उजागर करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। प्रदर्शनकारी अपनी मांगों के प्रति सरकार और प्रशासन की उदासीनता पर नाराजगी जाहिर कर रहे थे।

आंदोलन की पृष्ठभूमि

एनएचएम कार्यकर्ताओं का यह आंदोलन कोई नया नहीं है। हाल ही में, कोरबा के तानसेन चौक और घंटाघर में एनएचएम कर्मचारियों ने धरना-प्रदर्शन किया था। कार्यकर्ताओं का कहना है कि कोरोना काल में उनकी सेवाओं को “कोरोना योद्धा” के रूप में सराहा गया, लेकिन अब उनकी मांगों पर ध्यान नहीं दिया जा रहा। वे सामाजिक सुरक्षा, बीमा, और पेंशन जैसे मूलभूत अधिकारों की मांग कर रहे हैं।

कोरबा में एनएचएम कार्यकर्ताओं की बाइक रैली ने एक बार फिर उनकी मांगों को जोर-शोर से उठाया है। यह प्रदर्शन न केवल उनकी एकजुटता को दर्शाता है, बल्कि सरकार और प्रशासन को उनकी समस्याओं के प्रति गंभीर होने का संदेश भी देता है। कार्यकर्ताओं ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगें जल्द पूरी नहीं हुईं, तो वे अपने आंदोलन को और तेज करेंगे। प्रशासन से अपेक्षा है कि वह इस मामले में संवेदनशीलता दिखाए और एनएचएम कार्यकर्ताओं की जायज मांगों पर विचार करे।