कोरबा। शहर के मध्य मोती सागर पारा में संचालित अंग्रेजी शराब दुकान शहर की शांति के लिए चुनौती बनती जा रही है। इस क्षेत्र के साथ-साथ सीतामणी जैसे संवेदनशील इलाकों में शराब दुकान के कारण माहौल बिगड़ रहा है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि शराब की आसान उपलब्धता और नशेड़ियों का जमावड़ा शहर की सड़कों और गलियों में अशांति का कारण बन रहा है। नशे में धुत लोग सुबह से रात तक सड़कों, गलियों, बस स्टैंड और मधु स्वीट्स व गौरीशंकर मंदिर की गली में शराब पीते नजर आते हैं, जिससे स्थानीय लोगों को असहजता और भय का सामना करना पड़ता है।
नशे का बढ़ता चलन
शहर में नशे की लत तेजी से बढ़ रही है। छोटे बच्चों से लेकर किशोर और युवा तक सुलभ नशा, गांजा, नशीली गोलियां और मधु मुनक्का जैसे नशीले पदार्थों का सेवन करते देखे जा सकते हैं। शराब दुकान की मौजूदगी ने इस समस्या को और गंभीर बना दिया है। शराब दुकान के आसपास और बस स्टैंड, पटवारी कार्यालय, पुरानी बस्ती की ओर जाने वाले मार्गों पर शराबियों का जमावड़ा आम बात हो गई है। विरोध करने पर स्थानीय लोगों को अपमान और धमकियों का सामना करना पड़ता है।
शनिवार रात की घटना ने बढ़ाई चिंता
30 अगस्त 2025 की रात शराब दुकान के पास हुई एक घटना ने स्थानीय लोगों में दहशत फैला दी। नशे में धुत तीन युवकों ने एक स्कूटी सवार युवक के साथ मारपीट की और उसकी स्कूटी में तोड़फोड़ की। इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है। स्थानीय लोगों का कहना है कि शराब दुकान खुलने के बाद ऐसी घटनाएं बढ़ गई हैं।
जनप्रतिनिधियों की चुप्पी
शराब दुकान के आसपास गौरीशंकर मंदिर, पंचदेव मंदिर, सरस्वती शिशु मंदिर स्कूल और श्री राम-हनुमान मंदिर जैसे धार्मिक और शैक्षणिक संस्थान होने के बावजूद इस मुद्दे पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। चेम्बर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज, मध्य नगरी व्यापारी संघ और स्थानीय लोगों ने जिला प्रशासन, प्रदेश के मंत्री लखन लाल देवांगन और महापौर संजू देवी राजपूत से शराब दुकान को शहर से बाहर स्थानांतरित करने की मांग की है, लेकिन उनकी मांगें ठंडे बस्ते में हैं। वार्ड 13 और 6 के जनप्रतिनिधियों और सांसद प्रतिनिधि सुनील जैन की इस मामले में निष्क्रियता से लोग निराश हैं।
स्थाई समाधान की मांग
लोगों की मांग है कि शराब दुकान को शहर से बाहर या कम आबादी वाले क्षेत्र में स्थानांतरित किया जाए। शराब दुकान के कारण त्योहारों और ड्राई डे से पहले भारी भीड़ और ट्रैफिक जाम की समस्या आम है। स्थानीय लोगों ने सुझाव दिया है कि सरकार निगम क्षेत्र में सरकारी जमीन पर स्थाई शराब दुकान का निर्माण कराए, जिससे किराए की बचत हो और शहर की शांति बनी रहे।
प्रशासन से कार्रवाई की उम्मीद
स्थानीय लोग और व्यापारी किसी बड़ी अप्रिय घटना से पहले इस मुद्दे पर त्वरित कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। उनका कहना है कि शराबियों पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं होती, जबकि विरोध करने वालों को कानूनी पचड़ों का सामना करना पड़ता है। लोग नव नियुक्त आबकारी मंत्री से इस मामले में हस्तक्षेप की उम्मीद कर रहे हैं ताकि शहर की शांति और सुचारू आवागमन बहाल हो सके।
Editor – Niraj Jaiswal
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