दंतेवाड़ा।मूसलाधार बारिश और बाढ़ ने दंतेवाड़ा जिले में अभूतपूर्व तबाही मचाई है। डंकनी नदी के विकराल रूप ने जिले को हिलाकर रख दिया, जिससे आम जनजीवन और प्रशासन दोनों सकते में हैं। इस बार बाढ़ ने इतना भयावह रूप लिया कि चूड़ी टिकरा वार्ड, जीएडी कॉलोनी, पुलिस अधीक्षक कार्यालय, नगर पालिका, सर्किट हाउस, और जिला पंचायत सीईओ व जिला न्यायालय के आवासीय परिसर बाढ़ की चपेट में आ गए। बाढ़ के तेज बहाव ने सर्किट हाउस और नगर पालिका के बाउंड्रीवाल को ताश के पत्तों की तरह ढहा दिया।
करोड़ों का पुल बह गया
दंतेवाड़ा बायपास मार्ग पर चितालंका में डंकनी नदी पर बना दो दशक पुराना, करीब दो करोड़ की लागत वाला 100 मीटर लंबा पुल बाढ़ के दबाव को नहीं झेल सका और इसके स्लैब व पिलर पूरी तरह नष्ट हो गए। पुराना डंकनी नदी पुल भी बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया। इसके अलावा, फ़िल्टर प्लांट का पंप हाउस और रिटेनिंग वाल को भी भारी नुकसान हुआ।
बिजली और पेयजल आपूर्ति ठप
बाढ़ के कारण 11 केवी बिजली लाइन और ट्रांसफार्मर क्षतिग्रस्त होने से आंवराभाटा इलाके में 18 घंटे तक बिजली आपूर्ति ठप रही। फ़िल्टर प्लांट की मुख्य पाइपलाइन के क्षतिग्रस्त होने से शहर के अधिकांश हिस्सों में पेयजल आपूर्ति बाधित हो गई। टैंकरों के बह जाने और फ़िल्टर प्लांट को नुकसान के कारण वैकल्पिक पेयजल व्यवस्था भी संभव नहीं हो सकी।
सड़कें और यातायात प्रभावित
बाढ़ ने सड़कों और पुलों को व्यापक नुकसान पहुंचाया। बास्तानार घाट और गीदम के बीच पुल के क्षतिग्रस्त होने से एनएच-63 पर आवागमन ठप हो गया। गीदम-बारसूर मार्ग पर गणेश बहार नाला का पुल और बारसूर से सातधार के बीच करीब दो किलोमीटर सड़क बह जाने से यातायात पूरी तरह बाधित है। फ़िल्टर प्लांट के सामने खड़ी पुरानी सिटी बस पलटकर बह गई, और कई पानी के टैंकर नदी में समा गए।
ग्रामीण बेघर, राहत कार्य जारी
बिंजाम, सियानार, समलूर, बालुद, और बालपेट गांवों में बाढ़ का पानी घुसने से दर्जनों मकान ध्वस्त हो गए, जिससे कई लोग बेघर हो गए। बालुद पटेल पारा और कोसा पारा के 50 से अधिक ग्रामीणों को स्थानीय लोगों और युवाओं ने रस्सियों की मदद से सुरक्षित निकालकर मॉडल स्कूल में पहुंचाया, जहाँ उनके भोजन और ठहरने की व्यवस्था की गई। जिला प्रशासन और पुलिस एसडीआरएफ की टीम रेस्क्यू ऑपरेशन में जुटी रही, लेकिन तेज बहाव और कई स्थानों पर जलभराव के कारण राहत कार्यों में मुश्किलें आईं।
प्रशासन का दौरा और आश्वासन
आईजी बस्तर सुंदराज पी और कलेक्टर कुणाल दुदावत ने बुधवार को बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का दौरा किया और पीड़ितों को उचित मदद का आश्वासन दिया। ग्रामीणों ने प्रशासन से तत्काल राहत और पुनर्वास की मांग की है। इस तबाही ने दंतेवाड़ा के बुनियादी ढांचे को गंभीर नुकसान पहुंचाया है, और अब प्रशासन के सामने पुनर्निर्माण और राहत कार्यों की बड़ी चुनौती है।
Editor – Niraj Jaiswal
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