उल्टी-दस्त से दो की मौत, स्वास्थ्य विभाग की लापरवाही पर ग्रामीणों में आक्रोश

कोरबा । जिले के पोड़ी उपरोड़ा ब्लॉक के ग्राम पाली के दर्री पारा मोहल्ले में एक सप्ताह पहले फैली उल्टी-दस्त की संक्रामक बीमारी ने दो ग्रामीणों की जान ले ली। इस घटना के बाद लगभग एक दर्जन लोग प्रभावित हुए, जिन्हें इलाज के लिए पोड़ी उपरोड़ा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र भेजा गया। ग्रामीणों ने स्वास्थ्य विभाग की लापरवाही और समय पर उचित चिकित्सा सुविधा न मिलने का आरोप लगाया है।

बीमारी का प्रकोप और मौतें

दर्री पारा के ग्रामीणों ने बताया कि उल्टी-दस्त का संक्रमण फैलने से पहले स्वास्थ्य विभाग ने न तो कोई स्वास्थ्य शिविर आयोजित किया और न ही मौसमी बीमारियों के लिए दवाइयों का वितरण किया। जानकारी के अभाव में कई ग्रामीणों को अपने खर्चे पर पड़ोसी जिला एमसीबी में इलाज कराना पड़ा। बीमारी फैलने के दो दिन बाद स्थानीय सरपंच को सूचना दी गई, जिसके बाद स्वास्थ्य विभाग सक्रिय हुआ। लेकिन तब तक समय पर इलाज न मिलने के कारण संपत्त सिंह (60 वर्ष) की मृत्यु हो गई। इसके बाद इतवार पिता बाबू लाल गोड़ की भी अकाल मृत्यु हो गई।

प्रभावित लोगों में गनपत सुकरिया बाई (50 वर्ष), राम लाल देवशनिया (60 वर्ष), मान सिंह (25 वर्ष), नीरा बाई सोहन (16 वर्ष), पार्वती, सावित्री, राजु, हिरमतिया, ज्ञान सिंह (27 वर्ष), काजल, रुप सिंह, तिलेश्वर और अन्य ग्रामीण शामिल थे, जिनका इलाज पोड़ी उपरोड़ा में चला। पांच दिन बाद कुछ मरीजों को छुट्टी दे दी गई, लेकिन गांव में बीमारी का डर और गमगीन माहौल बना हुआ है।

ग्रामीणों का आक्रोश

मृतक संपत्त सिंह के दामाद गोरे लाल ने बताया कि समय पर उचित इलाज न मिलने के कारण उनके ससुर की 24 घंटे में मृत्यु हो गई। उन्होंने बीमारी की रोकथाम में देरी और अपर्याप्त स्वास्थ्य सुविधाओं पर सवाल उठाते हुए शासन से आर्थिक सहायता की मांग की। वहीं, पीड़ित पार्वती बाई ने बताया कि उन्हें कमजोरी और थकान महसूस हो रही है, लेकिन स्वास्थ्य विभाग केवल ओआरएस और दर्द की गोलियां देकर खानापूर्ति कर रहा है।

स्कूलों पर असर

दर्री पारा की कुल आबादी 260 है, जिसमें 71 मकान हैं। प्राथमिक स्कूल में 32 छात्र-छात्राओं में से केवल पांच बच्चे ही स्कूल आ रहे हैं। प्रधान पाठक जय कुंवर ने बताया कि बीमारी के डर से बच्चों की उपस्थिति बेहद कम हो गई है।

स्वास्थ्य विभाग का जवाब

पाली उप स्वास्थ्य केंद्र के आरएचओ आनंद कुमार सोरठे ने बताया कि एक सप्ताह पहले उल्टी-दस्त की शिकायत मिलने पर स्वास्थ्य शिविर लगाया गया और प्रभावित लोगों को पोड़ी उपरोड़ा भेजा गया। इलाज के बाद मरीजों को उनके गांव वापस भेज दिया गया और उनकी देखभाल की जा रही है। हालांकि, सीएचओ रिया पोर्ते ने बताया कि स्वास्थ्य कर्मियों की अनिश्चितकालीन हड़ताल के कारण उपचार और कार्य प्रभावित हो रहा है।

ग्रामीणों की मांग

ग्रामीणों ने स्वास्थ्य विभाग से तत्काल प्रभावी कदम उठाने और बीमारी की रोकथाम के लिए स्थायी उपाय करने की मांग की है। साथ ही, मृतकों के परिवारों ने आर्थिक सहायता की गुहार लगाई है। गांव में अभी भी स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में नहीं है, और ग्रामीणों में स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर असंतोष बना हुआ है।