श्रद्धा पेट्रोल पंप में पुलिस की दबिश, 212 संदिग्ध नकली ऑटोमोबाइल उत्पाद जब्त

टेस्ट परचेसिंग के बाद कार्रवाई, संचालक समेत दो लोगों के खिलाफ FIR

कोरबा-दीपका। दीपका थाना क्षेत्र के ग्राम तिवरता स्थित श्रद्धा पेट्रोल पंप में कथित नकली ऑटोमोबाइल उत्पादों के भंडारण और बिक्री का मामला सामने आया है। पुलिस ने पेट्रोल पंप के पीछे स्थित स्टोर रूम में दबिश देकर टाटा मोटर्स डीजल एग्जॉस्ट फ्लुइड (DEF) के 192 नग और गल्फ ऑयल लुब्रिकेंट के 20 नग समेत कुल 212 सीलबंद डिब्बे जब्त किए हैं। मामले में पेट्रोल पंप संचालक चैतन्य मनहर एवं अनूप गोयल के खिलाफ धारा 318(4), 347, 349 बीएनएस तथा कॉपीराइट अधिनियम 1957 की धारा 63 के तहत अपराध दर्ज कर विवेचना शुरू की गई है।

पुलिस के अनुसार टाटा EIPR (India) Pvt. Ltd. के जांच अधिकारी सानी घोष ने श्रद्धा पेट्रोल पंप पर टाटा मोटर्स और गल्फ ऑयल के कथित नकली उत्पादों की बिक्री की सूचना पुलिस को दी थी। इसके बाद जांच अधिकारी द्वारा कथित तौर पर 20 लीटर का टाटा मोटर्स DEF उत्पाद टेस्ट परचेसिंग के तहत खरीदा गया। जांच में उत्पाद को कथित रूप से नकली पाए जाने की जानकारी पुलिस को दी गई, जिसके बाद कार्रवाई की गई।

स्टोर रूम में मिला बड़ी मात्रा में माल
पुलिस टीम ने पेट्रोल पंप के पीछे स्थित स्टोर रूम की तलाशी ली। मौके पर संचालक चैतन्य मनहर मौजूद मिला। पुलिस के मुताबिक तलाशी से पहले आवश्यक नोटिस और सहमति की प्रक्रिया पूरी कर पंचनामा तैयार किया गया। तलाशी के दौरान टाटा मोटर्स DEF के 192 नग, प्रत्येक 20 लीटर तथा गल्फ ऑयल लुब्रिकेंट के 20 नग, प्रत्येक 20 लीटर, सीलबंद अवस्था में मिले।

पुलिस ने गवाहों की मौजूदगी में बरामदगी पंचनामा तैयार कर सभी उत्पादों को जब्त कर लिया।

माल के दस्तावेज नहीं मिले
पुलिस ने बरामद उत्पादों की खरीदी-बिक्री एवं स्वामित्व से संबंधित दस्तावेज प्रस्तुत करने के लिए नोटिस जारी किया। पुलिस के अनुसार संचालक ने लिखित जवाब में माल के संबंध में दस्तावेज उपलब्ध नहीं होने की जानकारी दी। साथ ही कथित तौर पर बताया कि यह माल कोरबा निवासी अनूप गोयल द्वारा दिया गया था।

जांच के बाद होगी नकली होने की पुष्टि
पुलिस ने कुल 212 उत्पाद अपने कब्जे में लिए हैं। इनमें टाटा मोटर्स DEF के 192 और गल्फ ऑयल लुब्रिकेंट के 20 डिब्बे शामिल हैं। मामले में संबंधित धाराओं के तहत अपराध दर्ज कर जांच जारी है। पुलिस के अनुसार बरामद उत्पाद वास्तव में नकली हैं या नहीं, इसकी अंतिम पुष्टि आगे की विवेचना तथा संबंधित कंपनी और विशेषज्ञों की जांच के बाद होगी।