गणेश उत्सव की तैयारियां जोरों पर, बंगाली मूर्तिकारों की पारंपरिक कला से सज रहे बप्पा

कोरबा जिले में गणेश उत्सव की तैयारियां पूरे उत्साह के साथ शुरू हो गई हैं। 27 अगस्त को होने वाली गणपति पूजा से पहले जिले के मूर्तिकार भगवान गणेश की आकर्षक मूर्तियां तैयार करने में जुटे हैं। खास तौर पर पश्चिम बंगाल से आए बंगाली मूर्तिकार अपनी परंपरागत कला के जरिए बप्पा की मूर्तियों को जीवंत रूप दे रहे हैं। साथ ही, विभिन्न समितियां पूजा पंडालों को सजाने में व्यस्त हैं।

बंगाली मूर्तिकारों की पारंपरिक कला

हर साल की तरह इस बार भी कोरबा में पश्चिम बंगाल के मूर्तिकार गणेश मूर्तियां बनाने में अपनी कला का प्रदर्शन कर रहे हैं। ये मूर्तिकार शहर के आसपास के गांवों में रहते हैं और उन्हें यह कला अपने पूर्वजों से विरासत में मिली है। मूर्तिकारों का कहना है कि वे पिछले 20 से 30 वर्षों से इस कला को जीवित रखे हुए हैं और अपने पैतृक व्यवसाय को पूरे परिवार के साथ आगे बढ़ा रहे हैं।

मूर्तियों की कीमत और विविधता

मूर्तिकारों ने इस बार छोटी से लेकर बड़ी मूर्तियां तैयार की हैं, जिनकी कीमत 500 रुपये से लेकर 15,000 रुपये तक है। उन्होंने बताया कि मूर्ति निर्माण का यह कार्य न केवल उनकी आजीविका का साधन है, बल्कि उनके लिए अपनी सांस्कृतिक विरासत को संजोए रखने का एक माध्यम भी है। मूर्तिकारों का कहना है कि उन्हें इस बात की खुशी है कि वे अपनी कला के जरिए गणेश उत्सव को और भव्य बनाने में योगदान दे रहे हैं।

पूजा पंडालों की सजावट

जिले भर में गणेश उत्सव समितियां पूजा पंडालों को आकर्षक और भव्य रूप देने में जुटी हैं। पंडालों को रंग-बिरंगी लाइटों, फूलों और थीम-आधारित सजावट से सजाया जा रहा है ताकि श्रद्धालु बप्पा के दर्शन के साथ उत्सव का आनंद ले सकें।

गणेश उत्सव को लेकर कोरबा में उत्साह का माहौल है। स्थानीय लोग और समितियां इस पर्व को धूमधाम से मनाने की तैयारी में हैं। मूर्तिकारों की कला और समितियों की मेहनत से कोरबा का गणेश उत्सव इस बार भी भव्य और यादगार होने की उम्मीद है।