कटघोरा वनमंडल में हाथियों का उत्पात, फसलों को नुकसान, ग्रामीण दहशत में

कोरबा। कटघोरा वनमंडल के केंदई रेंज में हाथियों की समस्या थमने का नाम नहीं ले रही है। हाथियों ने इस क्षेत्र को अपना ठिकाना बना लिया है, जिसके चलते दो दलों में शामिल 41 हाथी कोरबी सर्किल के खुरूपारा से घोघानाला और सिटीपखना की ओर बढ़ गए हैं। इस दौरान उन्होंने रास्ते में कोदवारी और पोड़ीखुर्द के कई किसानों की धान की फसलों को रौंद डाला, जिससे किसानों को हजारों रुपये का आर्थिक नुकसान हुआ है।

हाथियों के लगातार विचरण से ग्रामीणों में दहशत का माहौल है। वन विभाग ने हाथियों की गतिविधियों पर नजर रखने के लिए मैदानी अमले के साथ-साथ ड्रोन कैमरों का उपयोग शुरू किया है। विभाग का प्रयास है कि हाथी जंगल में ही रहें और आबादी वाले क्षेत्रों में न पहुंचें, ताकि जान-माल का नुकसान रोका जा सके।

हाथियों के उत्पात से प्रभावित ग्रामीणों की सूचना पर वन विभाग की टीम मौके पर पहुंचकर नुकसान का आकलन कर रही है। प्रारंभिक अनुमान के अनुसार, फसलों को हुए नुकसान से किसानों को भारी आर्थिक क्षति हुई है, हालांकि सटीक आंकड़े सर्वे के बाद ही सामने आएंगे। वन विभाग के अधिकारियों ने बताया कि शासन की ओर से प्रभावित ग्रामीणों को मुआवजा देने का प्रावधान है, जिसके तहत पीड़ितों को राहत प्रदान की जाएगी।

हाथियों के सिटीपखना और आसपास के गांवों की ओर बढ़ने की आशंका को देखते हुए वन विभाग ने मुनादी कराकर ग्रामीणों को सतर्क करना शुरू कर दिया है। ग्रामीणों से अपील की जा रही है कि वे हाथियों के आसपास न जाएं, जंगल में सावधानी बरतें और किसी भी स्थिति में हाथियों को देखने की कोशिश न करें। वन विभाग का कहना है कि ग्रामीणों की सुरक्षा और नुकसान को कम करने के लिए हरसंभव प्रयास किए जा रहे हैं।