रतनपुर में फिर फैला डायरिया: दूषित पानी से बिगड़े हालात, अस्पताल में बेड फुल, एकमात्र डॉक्टर संभाल रहे मोर्चा

रतनपुर क्षेत्र में एक बार फिर डायरिया ने दस्तक दे दी है। गिरजावन और नवागांव में लगातार उल्टी-दस्त के मरीज सामने आ रहे हैं, जिससे रतनपुर का 16 बेड वाला सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र मरीजों से भर गया है।

जांच में दूषित पानी का सेवन इस बीमारी का प्रमुख कारण बताया जा रहा है। रोजाना 10 से 15 नए मरीज मिल रहे हैं, और मानसून की शुरुआत के साथ ही यह सिलसिला तेज हो गया है।

दूषित पाइपलाइन बनी मुसीबत

रतनपुर के मोहल्लों में पेयजल नगर पालिका की तीन दशक पुरानी पाइपलाइन से होती है, जो जगह-जगह लीकेज से जर्जर हो चुकी है। यह पाइपलाइन नालियों के बीच से गुजरती है, जिसके कारण दूषित पानी घरों तक पहुंच रहा है।

मानसून में यह समस्या और गंभीर हो जाती है, जिससे डायरिया के मामले बढ़ रहे हैं। पिछले साल भी रतनपुर में डायरिया ने 600 से अधिक लोगों को प्रभावित किया था, जिसमें पांच मरीजों की मौत हो गई थी। इस बार भी स्थिति बिगड़ने की आशंका जताई जा रही है।

स्वास्थ्य केंद्र में संसाधनों की कमी

रतनपुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में मरीजों की बढ़ती संख्या के कारण बेड की कमी हो गई है। गंभीर मरीजों को भर्ती किया जा रहा है, जबकि अन्य का इलाज घर पर दवाओं के जरिए किया जा रहा है। हैरानी की बात यह है कि पूरे स्वास्थ्य केंद्र में केवल एक डॉक्टर, डॉ. विजय चंदेल, मरीजों का इलाज कर रहे हैं। सीमित स्टाफ के कारण चिकित्सकीय व्यवस्था को बनाए रखने में भारी परेशानी हो रही है।

स्वास्थ्य विभाग की कार्रवाई

स्वास्थ्य विभाग ने स्थिति को नियंत्रित करने के लिए सर्वे शुरू किया है और जरूरी दवाओं के साथ-साथ क्लोरिन टेबलेट का वितरण किया जा रहा है। लोगों को साफ पानी पीने और स्वच्छता बनाए रखने की सलाह दी जा रही है। डॉ. विजय चंदेल ने बताया, “अधिकतर मरीज दूषित पानी के सेवन से बीमार हो रहे हैं। लोगों को उबला हुआ या फिल्टर किया हुआ पानी पीने और साफ-सफाई पर ध्यान देने की जरूरत है।” साथ ही, उल्टी-दस्त की शिकायत होने पर तुरंत स्वास्थ्य केंद्र पहुंचने की सलाह दी गई है।

बढ़ता खतरा, जरूरी है सतर्कता

स्वास्थ्य विभाग और स्थानीय प्रशासन से मांग की जा रही है कि पुरानी पाइपलाइन को तत्काल बदला जाए और स्वच्छ पेयजल की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। यदि समय रहते नियंत्रण के उपाय नहीं किए गए, तो डायरिया का प्रकोप और गंभीर रूप ले सकता है।