माखुरपानी में पहुंचा गजराजों का दल

कोरबा। 39 हाथियों का दल अब कोरकोमा से आगे बढक़र रजगामार व बाघमारा होते हुए बालको रेंज अंतर्गत बेला जंगल पहुंच गया है जो टाउनशिप से काफी नजदीक है। बड़ी संख्या में हाथियों के टाउनशिप के निकट पहुंच जाने से क्षेत्र में हडक़ंप मच गया है। वहीं वन अमला भी सतर्क हो गया है।


लोगों को हाथियों के आने की सूचना देने के साथ ही मुनादी कराने का काम भी शुरू कर दिया गया है। 13 हाथियों का दल पहले से बालको रेंज के माखुरपानी जंगल में विचरणरत हैं। 39 हाथियों के और आ जाने से अब बालको वन परिक्षेत्र में सक्रिय हाथियों की संख्या बढकऱ 52 हो गई है।

दो अलग-अलग स्थानों पर बड़ी संख्या में हाथियों के विचरण करने से वन विभाग को निगरानी करने में दिक्कतें हो रही है।

हालांकि इस काम में मैदानी अमले के अलावा ड्रोन कैमरे की मदद ली जा रही है। बालको रेंजर जयंत सरकार ने बताया कि हाथियों के दल ने तत्काल कोई नुकसान नहीं पहुंचाया है फिर भी उत्पात की संभावना बनी हुई है। इसे देखते हुए विशेष सावधानी बरती जा रही है।

वन विभाग की कोशिश है कि हाथियों का दल आबादी वाले क्षेत्रों में न पहुंचने पाए। इसके लिए रणनीति पर काम किया जा रहा है जहां कोरबा वनमंडल में बालको टाउनशिप के निकट बड़ी संख्या में हाथियों का दल पहुंच गया है वहीं कटघोरा वनमंडल के केंदई, एतमानगर व पसान रेंज में 60 हाथी अलग-अलग स्थानों पर विचरण कर रहे हैं। जिनमें से 33 हाथियों की सक्रियता कोरबी सर्किल में बताई जा रही है। शेष हाथी एतमानगर व पसान के जंगलों में घूम रहे हैं।