कल्याण समिति के साथ एसईसीएल की बैठक, बनेगी निगरानी समिति

गतिरोध के बाद प्रभावित क्षेत्र में विकास करने पर सहमति

कोरबा। ऊर्जाधानी भूविस्थापित किसान कल्याण समिति के 12 सूत्रीय मांगों के अलावा क्षेत्र स्तर की मांगों पर गेवरा, दीपका,कोरबा, कुसमुंडा और रायगढ़ क्षेत्रिय कार्यालयों में द्विपक्षीय वार्ता कर निर्णय लिए गए।

प्रभावित क्षेत्रों के विकास कार्यों, आउटसोर्सिंग कम्पनियों में भर्ती और ठेका कर्मचारियों की सामाजिक सुरक्षा, रोजगार, मुआवजा और बसाहट से संबंधित प्रकरणों पर जिला प्रशासन के साथ त्वरित निपटारा कर मुख्यालय भेजे जाने इत्यादि विषयों पर सकरात्मक वार्ता किया गया तथा मुख्यालय से सबंधित बिंदुओं पर एसईसीएल मुख्यालय बिलासपुर में उच्च स्तरीय बैठक में चर्चा के लिए प्रस्ताव लिया गया है। 


मॉनिटरिंग कमेटी का गठन किया जाएगा जिसके द्वारा प्रति माह प्रभावित गांव में चौपाल लगाकर समस्याओं का समाधान किया जाएगा। सप्ताह में एक दिन हर गांव में स्वास्थ्य शिविर का आयोजन किया जाएगा जिसमे दवाई वितरण भी किया जाएगा। आवश्यकता के अनुसार पेयजल की आपूर्ति और बोर खनन की जाएगी, निस्तार हेतु तालाबो में खदान का पानी का भराव किया जाएगा। पुनर्वास ग्रामों (झिंगटपुर बसाहट) में मुक्तिधाम का निर्माण कराया जाएगा।

जर्जर सडक़ों का जीर्णोद्धार किया जाएगा पहुंचविहीन मार्गो में निर्माण तथा प्रदूषण रोकने के लिए पानी का छिडक़ाव किया जाएगा। स्वयं सहायता समूह को स्थायी आजीविका के लिए ट्रेनिग और उपकरण उपलब्ध कराए जाएंगे इसी तरह से बेरोजगार युवकों को कौशल उन्नयन कर व्यवसाय हेतु मदद की जायेगा।

आउटसोर्सिंग कम्पनियों में स्थानीय भर्ती कराने हेतु पूर्व में लिए गए निर्णय को लागू किया जाएगा। ठेका कर्मचारियों के वेतन, भत्ते, मेडिकल, सुरक्षा का कड़ाई से पालन किया जाएगा।

ठेका कामगारों का 40 लाख रुपये का कारपोरेट दुर्घटना बीमा कराया जाएगा तथा सीधे खाते में वेतन की राशि जमा कराई जाएगी। एसईसीएल के स्कूलों में भूविस्थापित परिवार के बच्चों को प्राथमिकता दी जाएगी।