भूविस्थापितों ने निकाली जीएम की शवयात्रा, मुंडन भी कराया

कोरबा/कुसमुंडा।अपनीलंबित मांगों को लेकर एसईसीएल की जिले में संचालित परियोजनाओं से प्रभावित भू-विस्थापितों के द्वारा सभी खदानों में आज सुबह से एक साथ आंदोलन कर दिया गया है।

विभिन्न तरीकों से नारेबाजी करते हुए जारी प्रदर्शन के दौरान कुसमुंडा महाप्रबंधक राजीव सिंह की शवयात्रा भी निकाली गई।


भू-विस्थापितों ने अंतिम यात्रा व संस्कार विधि के लिए मुंडन भी कराया। नारेबाजी करने के साथ-साथ यह शव यात्रा बीच चौराहे पर पहुंची जहां पुतला दहन के रूप में इसे अंजाम दिया गया।

प्रदर्शनकारियों ने जमीन अधिग्रहण के लिए उचित मुआवजे, विस्थापितों के पुनर्वास और स्थानीय लोगों को रोजगार देने की मांग की है।

एसईसीएल की कोयला खदानों में हुए इस आंदोलन से कुसमुंडा, दीपका, गेवरा और कोरबा क्षेत्र की खदानों में कोयला उत्पादन, मिट्टी उत्खनन और परिवहन कार्य पूरी तरह रुक गया।

आंदोलन की गंभीरता को देखते हुए एसईसीएल प्रबंधन ने 22 अप्रैल को उच्च स्तरीय बैठक बुलाने का आश्वासन दिया है। इस बैठक में भू-विस्थापितों की समस्याओं पर विस्तार से चर्चा की जाएगी। प्रबंधन के इस आश्वासन के बाद हड़ताल को अस्थायी रूप से स्थगित कर दिया गया है।

हड़ताल का प्रभाव एसईसीएल की कोयला आपूर्ति और उत्पादन पर स्पष्ट रूप से देखा गया। इससे क्षेत्रीय बिजली संयंत्रों और अन्य उद्योगों के प्रभावित होने की आशंका है।

यह आंदोलन कोयला उद्योग में भू-विस्थापितों की समस्याओं के समाधान की तत्काल आवश्यकता को दर्शाता है।

एसईसीएल प्रबंधन और भू-विस्थापितों के बीच होने वाली वार्ता से इस समस्या का स्थायी समाधान निकलने की उम्मीद है।