कोरबा में आंगनवाड़ी कार्यकर्ता और सहायिकाओं ने केंद्रों को किया बंद, पांच मांगों को लेकर किया प्रदर्शन

कोरबा में आंगनवाड़ी कार्यकर्ता और सहायिकाओं ने अपनी पांच मांगों को लेकर केंद्रों को बंद रखा और धरना प्रदर्शन कर प्रशासन का ध्यान आकर्षित किया। उनका कहना है कि मांगे काफी लंबे समय से लंबित हैं और सरकार इस तरफ उदासीन बनी हुई है। अपनी मांगों के बारे में उन्होंने प्रशासन के अधिकारी को ज्ञापन सौंपा।

ओपन थिएटर मैदान में धरना प्रदर्शन के बाद हड़ताली कर्मचारी रैली की शक्ल में कलेक्ट्रेट मुख्य मार्ग तक पहुंचे। उन्होंने वहां भी आधी सड़क घेरकर प्रदर्शन किया। संगठन की कोरबा जिला अध्यक्ष वीणा साहू और अन्य पदाधिकारी ने मीडिया से बातचीत की। उन्होंने बताया कि पेंशन कटौती के साथ सरकारी कर्मचारी का दर्जा और दूसरी सुविधा देने की मांग सरकार से की जा रही है। इसके अलावा हमारे और भी मांगे हैं, जो सरकार के ध्यान में हैं, लेकिन इस पर गंभीरता नहीं दिखाई जा रही है।

कार्यकर्ता चित्रा मानिकपुरी ने बताया कि काफी लंबे समय से अपनी मांगों को रख रहे हैं, लेकिन उसके बावजूद भी किसी तरह की कोई प्रतिक्रिया सामने नहीं आ रही है। उन्होंने कोरोना काल जैसे समय में काम करके सेवाएं दीं हैं। वहीं, कई कार्यकर्ताओं की कोरोना की चपेट में आने से मौत तक हो चुकी है। इसके बावजूद भी उनके साथ इस तरह का बर्ताव समझ से परे है। जिला प्रशासन को ज्ञापन सौंप कर हजारों की संख्या में महिलाएं प्रदर्शन कर रही हैं और मांग पूरी नहीं होने पर आगे भी आंदोलन करने मजबूर रहेंगी।

आंगनवाड़ी कार्यकर्ता और सहायिकाओं के प्रदर्शन की जानकारी मिलने पर प्रशासन के एक अधिकारी मौके पर पहुंचे और ज्ञापन प्राप्त किया। उन्होंने बताया कि ज्ञापन को उचित माध्यम से आगे भेज दिया जाएगा। आंगनवाड़ी केंद्रों में महिलाओं और बच्चों के पोषण और स्वास्थ्य को लेकर कार्य किए जा रहे हैं। बार-बार होने वाली हड़ताल से कामकाज पर असर पड़ रहा है।