सरपंच की बर्खास्तगी पर कमिश्नर ने लगाई रोक

कोरबा। बिलासपुर संभाग के कमिश्नर ने आदेश जारी करते हुए कोरबा जिले के रजगामार सरपंच रमुला राठिया को बर्खास्त किए जाने संबंधी आदेश को रोक दिया है। पूर्व आदेश के विरुद्ध स्थगन जारी किया गया है। सरपंच ने उपरोक्त कार्यवाही को लेकर याचिका लगाई थी।


जानकारी दी गई कि इस मामले में 6 जनवरी को सरपंच रजगामार के द्वारा जवाब देने समय की मांग की गई थी और उच्च न्चयायालय के आदेश का पालन करते हुए 15 दिन की मोहलत मांगी गई थी। इसके बावजूद केवल तीन दिन बाद ही 9 जनवरी को पेशी रख दी गई। इसके बाद एक आदेश जारी करते हुए धारा 92 व 40 के तहत प्रशासन द्वारा उसे बर्खास्त कर दिया गया।

इसी को चुनौती देते हुए कमिश्नर बिलासपुर के न्यायालय में याचिका लगाई गई थी। जहां पर इस मामले की सुनवाई हुई।

संबंधित तथ्यों पर विचारण करने के साथ पाया गया कि सरपंच को इस प्रकरण में अपना पक्ष रखने का पर्याप्त अवसर नहीं दिया गया जो नैसर्गिक न्याय के विरुद्ध है।

याची ने बताया कि उसके विरुद्ध मनगढ़ंत शिकायत रजगामार चौकी में दर्ज कराई गइई। इसी सिलसिले में जांच परीक्षण में राशि का दुरूपयोग नहीं होने पर भी उसे जमानत मिल गई। इसके बावजूद बर्खास्तगी की कार्यवाही किए जाने पर सवाल खड़े किए गए। संबंधित तथ्यों को ध्यान में रखते हुए कमिश्नर कोर्ट ने बर्खास्तगी पर स्थगन दे दिया।