कोरबा में पहले दिन 312 क्विंटल धान बेचने 12 किसानों ने कटाया टोकन

कोरबा। 14 नवंबर से शुरू हो रही धान खरीदी को लेकर प्रशासन ने तैयारियां पूरी कर ली है। खेतों में पके फसल की कटाई और मिंजाई में तेजी आने लगी है। पहले दिन 312 क्विंटल धान बेचने के लिए नौ समितियों के 12 किसानों ने टोकन कटाया है।

समर्थन मूल्य पर धान विक्रय को लेकर किसानों में उत्साह देखा जा रहा। अच्छी वर्षा की वजह से मैदानी ही नहीं बल्कि पहाड़ी क्षेत्र के खेती में अच्छी फसल हुई है। कुछ माह पहले तक लेमरू क्षेत्र के किसान लुकेश्वर राठिया और उनकी पत्नी दिलेश्वरी बाई के चेहरे पर चिंता की लकीरें थीं। यह चिंता इसलिए भी थी कि उन्होंने खेत पर सिर्फ धान की फसलें ही नहीं बोई थीं, पहाड़ वाले इलाके में कड़ी मेहनत कर वह उम्मीद भी बोयी थीं। किसान लुकेश्वर और उनकी पत्नी दिलेश्वरी बाई को खुशी है कि इस साल मानसून ने साथ दिया और आज वे पके हुए फसल काट पा रहे हैं। खेत पर फसल काट कर अपने खलिहान तक पहुंचाने में व्यस्त किसान दंपति को खुशी इस बात की भी है सरकार ने धान का समर्थन मूल्य 3100 रुपये प्रति क्विंटल कर दिया है और प्रति एकड़ 21 क्विंटल की दर से धान की खरीदी कर रहे है।

कोरबा विकासखंड अंतर्गत लेमरू क्षेत्र के ग्राम पंचायत देवपहरी के पास ग्राम ढ़ीढापाठ के किसान लुकेश्वर राठिया ने बताया कि उन्होंने लगभग तीन एकड़ में धान का फसल लिया है। अब जबकि फसल पककर तैयार है तो वे अपनी पत्नी के साथ फसल कटाई कर उसे खलिहान तक पहुंचाने में जुटे हैं। किसान लुकेश्वर राठिया का कहना है कि हम मेहनत कर उम्मीद की फसल बोते हैं, क्योंकि हमारे पहाड़ी इलाके में सब कुछ वर्षा की मेहरबानी पर ही टिकी है। इस बार बारिश अच्छी हुई है, इसलिए फसल पककर तैयार हो पाया है और आज हम इसे काट पा रहे हैं।

उन्होंने बताया कि हमारे लिए यह दुगनी खुशी की बात है कि धान का सही मूल्य मिल रहा है और खेत में धान पैदा हो पाया। लुकेश्वर ने बताया कि धान कटाई का काम अंतिम चरण में है। जल्दी ही इसे नजदीक के लेमरू धान उपार्जन केंद्र में बेचेंगे। इसके लिए पंजीयन भी करा लिया है। जिले में 65 धान उपार्जन केंद्र बनाए गए हैं और जिला प्रशासन द्वारा आवश्यक व्यवस्था सुनिश्चित की गई है।

खेतों नमी व पानी की वजह से फसल कटाई में समस्या

वर्षा अधिक होने की वजह से इस बार मैदानी के खेतों में आवश्यकता से अधिक नमी है वहीं निचले स्तर के खेतों में पानी भरा है। इस वजह से फसल कटाई में किसानों को समस्या आ रहीँ। खेत से पानी को निकालने के लिए किसानों ने मुहाने खोल रखा है।

53 हजार 944 किसानों ने कराया है पंजीयन

जिले में 65 धान खरीदी केंद्रों में धान की खरीदी होगी। कुल 53 हजार 944 किसानों ने अपना पंजीयन कराया है जिसमें से 2761 किसान नए हैं। धान की मिसाई के पश्चात बोरो में भरने का सिलसिला भी जारी है, जल्दी ही खरीदी प्रारंभ होने के साथ ही किसान ट्रैक्टर सहित अन्य माध्यम से धान उपार्जन केंद्र पहुचेंगे और अपनी मेहनत का मूल्य ले पाएंगे। ग्राम भवरखोल व लिमडीह के किसान अमोल कंवर, रूपेश कंवर का कहना है कि इस बार वर्षा अच्छी हुई है इसलिए फसल भी अच्छा हुआ है।