5 नवंबर तक मांग पूरी नहीं होने पर खदान बंद करेंगे ठेका कामगार

त्रिपक्षीय वार्ता में मांगों को पूरा करने का आश्वासन

कोरबा-दीपका। छत्तीसगढ़ ठेका कामगार यूनियन ने एसईसीएल दीपका खदान को 13 दिन के भीतर बंद करने के लिए नोटिस जारी किया गया था। आंदोलन करने से पूर्व ही एसईसीएल दीपका प्रबंधन ने केसीसी, पीआरटीपीएल, श्रीराम गोधरा के साथ त्रिपक्षीय बैठक दीपका के सभागार में कराया गया।

बैठक में जय अम्बे कंपनी के अधिकारी व प्रतिनिधि उपस्थित नहीं हुए जिसको लेकर छत्तीसगढ़ ठेका कामगार यूनियन के प्रदेश अध्यक्ष संतोष चौहान और आउटसोर्सिंग कंपनियों में काम करने वाले ड्राइवर हेल्पर मैकेनिकल इलेक्ट्रिकल मुंशी नाराजगी जाहिर की प्रबंधन की ओर से उनको नोटिस जारी कर उनके अधिकारी को 5 नवंबर को आने को कहां गया है।

प्रमुख मांगों में निर्धारित एचपीसी दर से पेमेंट किया जाए। मेडिकल की सुविधा प्रदान किया जाए। सेफ्टी उपकरण जैसे जूता, हेलमेट, रेडियम, जैकेट एवं अन्य उपकरण उपलब्ध कराया जा। वार्षिक बोनस प्रदान किया जाए। आउटसोर्सिंग कंपनियों में भू-विस्थापितों एवं आसपास के प्रभावितों को शत-प्रतिशत रोजगार प्रदान करना शामिल हैं।


छत्तीसगढ़ ठेका कामगार यूनियन के प्रदेश अध्यक्ष संतोष चौहान जानकारी दिया कि एसईसीएल दीपका प्रबंधन वादा तो किया है कि पांच नवंबर तक आउटसोर्सिंग कंपनियों में काम करने वाले ठेका श्रमिकों के पांच बिंदुओं के मांगों को पूरा कर लिया जाएगा ऐसा प्रबंधन के द्वारा आश्वस्त किया गया है।

संतोष चौहान ने आगे कहा कि आंदोलन की नोटिस जारी होने के बाद ही जब आंदोलन एकदम से नजदीक आ जाता है उसके बाद प्रबंधन आनन-फानन में बैठक आयोजित कर आंदोलन को टालने की कोशिश करता है लेकिन पांच नवंबर तक आउटसोर्सिंग कंपनियों के ठेका श्रमिकों के पांच बिंदुओं के मांगों पर उनके अनुरूप मांग पूरी नहीं होगी पांच नवंबर के बाद संपूर्ण दीपका खदान को बंद किया जाएगा।