कोरबा। मानसून के बाद महात्मा गांधी रोजगार गारंटी योजना में मिट्टी का काम फिर शुरू हो गया है। जल संरक्षण को बढ़ावा देने के लिए अमृत सरोवर के तर्ज पर जिला पंचायत ने 93 नए सरोवरों के निर्माण के लिए स्थल चिन्हित किया हैै। इनके अस्तित्व में आने से 16 हजार किसानों के 7,900 हेक्टेयर कृषि रकबा को सिंचाई सुविधा का लाभ मिलेगा।
दो साल पहले आजादी के 75 वीं वर्षगांठ पर रोजगार गारंटी योजना के तहत जिले में 105 अमृत सरोवरों का निर्माण किया गया। इसके बाद भूमिगत जल समृद्ध होने से 16 अतिरिक्त सरोवर का निर्माण भी कराया गया। इस तरह अब तक कुल 121 सरोवर का निर्माण हो चुका है। अच्छी वर्षा से प्रत्येक सरोवरों में 16 लाख 16,000 क्यूबिक मीटर जल संरक्षण हुआ है। रोजगार गारंटी योजना से तैयार हो चुके सरोवरों से 14,800 हेक्टेयर कृषि रकबा को सिंचाई सुविधा मिली है।
लेपरा, तानाखार, कापूबहरा, नगोई, मांगामार, लबेद, रंजना देवलापाठ आदि ऐसे गांव हैं, जहां प्रति सरोवर 1600 क्यूबिक मीटर जल संरक्षण बढ़ने से सिंचाई के अलावा निस्तारी सुविधा भी मिल रही है। 93 अतिरिक्त जलाशय के निर्माण जल संरक्षण क्षमता में अतिरिक्त वृद्धि के साथ सिंचाई का रकबा भी बढ़ेगा। सरोवर बनने से 2800 हेक्टेयर रकबा की मिट्टी क्षरण रूकेगी।
जल संग्रहण क्षमता बढ़ने के साथ 6.47 लाख क्यूबिक मीटर भूमिगत जल स्त्रोत संरक्षित होगा। इससे आसपास के कुएं, हैंडपंप सहित अन्य जल स्त्रोत भी संरक्षित होंगे। अमृत सरोवर के जल संरक्षण से कृषि रकबा में भी विस्तार होगा। धान के अलावा ग्रीष्म फसल में गेहूं, दहलन व तिलहन का भी पैदावार ले सकेंगे। सरोवर के लिए ऐसे स्थानों का चिन्हांकन किया गया कि वर्षा जल संरक्षण से न केवल किसानों को सिंचाई सुविधा मिलेगी बल्कि निस्तारी सुविधा के मवेशियों को जल संरक्षण की भी सुविधा मिलेगी।
व्यवसायिक उपयोग से पंचायतों का बढ़ेगा राजस्व
सरकारी सरोवर होने के कारण जल भराव के पश्चात इसे महिला समूहों को लीज पर दिया जाएगा। इसमें मछली पालन के अलावा सिंघाड़ा उत्पादन भी किया जाएगा। जिला मत्स्य और उद्यानिकी विभाग स्वरोजगार के लिए महिलाओं को प्रशिक्षण भी दिया जाएगा।
विभागीय अधिकारी की माने तो सरोवर निर्माण के लिए जिन महिला समूहों ने रोजगार गारंटी में काम किया है, उन्हे ही लीज पर दिया जाएगा। ताकि आगे भी इस योजना से वे रोजगार मूलक निर्माण कार्य को मूर्त रूप दे सकें। इससे पंचायत के राजस्व में वृद्धि होगी।
93- नए सरोवर को मिली है स्वीकृति
16- लाख रूपये प्रत्येक सरोवर की होगी लागत
16,1600-क्यूबिक मीटर प्रति सरोवर जल संरक्षण में वृद्धि
6.47- लाख क्यूबिक मीटर भूमिगत जल स्त्रोत होगा संरक्षित
121- सरोवर का निर्माण पूर्ण
88- हजार मजदूरों को मिला रोजगार
सिंचित रकबा को विस्तार देने के लिए जिले में अमृत सरोवर मिशन के तहत अब तक 121 सरोवरों का निर्माण किया जा चुका। 15 अक्टूबर से मिट्टी का काम फिर शुरू हो चुका है। 93 अतिरिक्त स्थानों में भी सरोवर के लिए स्थल चिन्हित किया गया है। सरोवर के अस्तित्व में आने न केवल सिंचाई बल्कि निस्तारी की सुविधा बढ़ेगा। भूमिगत जल संरक्षण को बढ़ावा मिलेगा
संदीप डिक्सेना, एपीओ, रोजगार गारंटी योजना
Editor – Niraj Jaiswal
Mobile – 9754876042
Email – urjadhaninewskorba@gmail.com
Address – Press Complex, T.P. Nagar, Korba C.G. 495677

