कटघोरा वनमंडल में हाथियों के विचरण से ग्रामीणों में दहशत

फसल को बचाने के चक्कर में ग्रामीण का टूटा पैर

कोरबा। जिले के कटघोरा वनमंडल क्षेत्र में हाथियों के विचरण से ग्रामीणों में दहशत व्याप्त है। आए दिन हाथी फसल के साथ-साथ जान-माल को नुकसान पहुंचा रहे हैं। ग्रामीणों को अपनी फसल बचाने रतजगा करना पड़ रहा है। वन विभाग के कर्मचारी भी हाथियोंं के झुंड पर नजर बनाए हुए हैं।


जानकारी के अनुसार ग्राम पंचायत पोड़ीखुर्द के खैरवारपारा निवासी मोती राम पिता धनीराम खैरवार 30 वर्ष रविवार की सुबह हाथियों से अपनी फसल को बचाने के खेत की तरफ गया था। इसी दौरान उसका सामना हाथियों से हो गया। फसल को हाथियों से बचाने के चक्कर में वह गिरकर घायल हो गया और उसका दायां पैर टूट गया है।

ग्रामीणों की मदद से घायल मोतीराम को उपचार के लिए कटघोरा अस्पताल में भर्ती कराया गया है। बता दें कि पिछले एक सप्ताह से लगातार हाथियों का आतंक कोरबी सहित फुलसर, रोदे, बनिया, खडफ़ड़ीपारा, सिटीपखना, सेमरहा, चोटिया, परला, लालपुर के अलावा सैकड़ों गांवों में जारी है। हाथियों का झुंड लगातार किसानों की फसल को नुकसान पहुंचा रहा है जिससे ग्रामीण दहशत में  है।


बाल-बाल बचा ग्रामीण
इसी तरह ग्रामीण राज कुमार प्रजापति रात्रि भोजन कर सो रहा था तभी उसके घर के सामने हाथी आ धमका। इस दौरान ग्रामीण ने सूझबूझ का परिचय देते हुए पत्नी व बच्चों सहित घर के पीछे से किसी तरह निकल कर पड़ोस में निवासरत कृष्णा रजक के घर जाकर अपनी जान बचाई।

बता दें कि 28 सितंबर की रात्रि लगभग सवा ग्यारह बजे के आसपास झुंड से अलग हो कर एक दतैल हाथी ने कोरबी बजारपारा घनी आबादी क्षेत्र के मुख्य मार्ग में घुस गया था जिससे कुछ समय के लिए अफरा-तफरी मच गई थी। ग्रामीणों ने साहस का परिचय देते हुए हाथी को बस स्टेंड की ओर से जंगल की ओर खदेड़ा, तत्पश्चात लोगों ने राहत की सांस ली।