चोटिया खदान में राखड़ डम्प से नाराज किसानों ने वाहनों को रोका

कोरबा-चोटिया। चोटिया माइंस 1 खदान में राखड़ डंप से किसान काफी परेशान हैं। पिछले 5 वर्षों से खदान से निकलने वाले दूषित जल निस्तार की परेशानी से जूझ ही रहे थे। अब 2 वर्षो से राखड़ की भी समस्या आ पड़ी है जिससे कि किसानों के खेतों में राखड़ जाम हो रही है। कुछ महीनों पहले ही प्रशासन ने मुआवजा प्रकरण की प्रक्रिया शुरु की थी।

उस प्रक्रिया में किसानों को उम्मीद जाग चुकी थी कि अब लम्बे समय से लंबित मुवावजे की राशि उन्हें मिलने लगेगी लेकिन वह प्रक्रिया फिर ठंडे बस्ते मे चली गई जिसको लेकर किसानों ने अब आंदोलन का रास्ता अपनाया और चोटिया माइंस 1 में चल रहे वाहनों को रोककर विरोध किया।


जानकारी के अनुसार चोटिया खदान से लगा हुआ ग्राम पोड़ीखुर्द के किसान पिछले 5 से 6 वर्षो से खदान से निकलने वाले दूषित जल निस्तार की समस्या से जूझ रहे हैं। दूषित जल की समस्या तो बरकरार है ही अब 2 वर्षों से एक और समस्या आन पड़ी राखड़ की।

दरअसल प्रकाश इंडस्ट्रीज ने इस खदान का टेंडर लिया था तो दूषित जल निस्तार को लेकर किसानों को लगातार मुआवजा दिया जाता है वहीं प्रकाश इंडस्ट्रीज का टेंडर खत्म होने के बाद बालको खुद ही खदान अपने हाथ में ली जिसके बाद से दूषित जल निस्तार का किसानों को मुवावजा मिलना बंद हो गया।

अब चोटिया माइंस 1 में भारी मात्रा में राखड़ डंप से नीचे प्रभावित किसानों के लहलहाते खेतो में राखड़ पहुच रहे हैं जिससे खेतों की फसलें बर्बाद होने के साथ-साथ उपजाऊ भूमि भी बंजर होने के कगार में है। किसान चाहते हैं कि उनके खेतों में जो नुकसान हुए हैं उन्हें क्षतिपूर्ति दी जाये और दूषित जल निस्तार के साथ-साथ राखड़ डंप पर भी रोक लगाई जाए।

शिकायत के आधार पर मामले में मुआवजे की प्रक्रिया की गई, लेकिन प्रकरण में देरी होने के चलते आज नाराज किसानों ने राखड़ डंप कर रहे वाहनों कों रोककर समस्याओं का समाधान करने की बात कही। किसानों का कहना है कि जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं होगी तब तक काम शुरु नहीं करने दिया जायेगा।


नियमों के तहत जारी है मुवावजे की प्रक्रिया


मामले में नयाब तहसीलदार ने बताया गया कि किसी भी कार्यवाही के लिए शासकीय प्रक्रिया काफी जटिल होती है हालांकि समय लगता है लेकिन नियम के तहत जो किसानों का हक होता है वह पूरी की जाती है वहीं पोड़ीखुर्द के किसानों के परेशानियों के मामले शिकायत हुई थी जिसकी प्रक्रिया चल रहि है जल्द ही इनकी मांगें पूरी की जायेगी।