विदेशी मेहमान एशियन बिल स्टार्क के अस्तित्व पर मंडरा रहा खतरा, कबरबिज्जु के हमले से कई पक्षियों की मौत

कोरबा में सात समुंदर पार कर पहुंचे विदेशी मेहमान एशियन बिल स्टार्क के अस्तित्व पर खतरा मंडरा रहा है। अब तक ग्रामीण विदेशी पक्षी को अपना शिकार बनाते थे। अब कबरबिज्जु नामक वन्य जीव ने पक्षियों पर हमला करना शुरू कर दिया है। वन्य प्राणी के हमले से 40 से अधिक ओपन बिल स्टार्क की मौत हुई है। वन अमले ने प्रवासी पक्षियों की मौत की रोकथाम के लिए कबरबिज्जु को खदेड़ने की कवायद तेज कर दी है।

कोरबा वन मंडल के करतला वन परिक्षेत्र अंतर्गत ग्राम कनकी भगवान शिव के धाम पक्षियों की सुरक्षा के लिए लगाए गए नेट यानि कनकेश्वर धाम के नाम से प्रसिद्ध है। इसके अलावा यह गांव प्रवासी पक्षी ओपन बिल स्टार्क के नाम से भी पहचाना जाता है। हर बार की तरह इस वर्ष भी विदेशी मेहमान भारी संख्या में पहुंचे हुए हैं। उनका प्रजनन काल समाप्त हो गया है। वे अक्टूबर नवंबर में चूजों के उड़ने लायक होने के बाद स्वदेश लौट जाएंगे।

इन विदेशी मेहमानो को अब तक प्राकृतिक आपदा व असामाजिक तत्वों से खतरा बना रहता था। आकाशी बिजली अथवा शिकार के कारण पक्षियों की मौत होती थी। अब कबरबिज्जु नामक वन्य प्राणी पक्षियों के जान का दुश्मन बन गया है। बताया जा रहा है कि मंदिर के आसपास स्थित पेड़ के खोह में कुछ दिनों से दो कबरबिज्जु ने अपना बसेरा बनाया हुआ था।

एक कबरबिज्जु तो जंगल की ओर चला गया, लेकिन दूसरा खोह में ही डेरा डाला हुआ है। वह बीते चार दिनों से विदेशी मेहमानों पर हमला कर रहा है। इन चार दिनों के भीतर 40 से अधिक पक्षियों की मौत हो चुकी है। लगातार हो रही विदेशी मेहमानों की मौत ने ग्रामीणों को भी अचंभे में डाल दिया था। उन्होंने माजरा समझ आने के बाद वन विभाग को अवगत कराया।

आला अफसरों के निर्देश पर रेंजर मृत्युंजय शर्मा ने टीम रवाना कर दिया। सोमवार को मौके पर पहुंची वन विभाग की टीम ने खोह को पूरी तरह से बोरे की मदद से बंद कर दिया है, ताकि कबरबिज्जु पेड़ से निकलकर दूर भाग सके और विदेशी मेहमानों को सुरक्षित रखा जा सके। इसके अलावा पेड़ों के नीचे जाल लगाया गया है।

कबरबिज्जु बिल्ली के आकार का होता है। जिसका एशियन नाम सिविट है। यह जीव सर्वाहारी होता है। इस मुख्य भोजन फल, कंद मूल के अलावा कीट, पतंग होते हैं। इसे आदमखोर जानवर के रूप में भी जाना जाता है जो कब्र के अंदर घुसकर शवों को नुकसान पहुंचाता है। आशंका जताई जा रही है कि यह जीव आसपास के जंगल में ही विचरण करता है जो भोजन की तलाश में पेड़ की खोह तक पहुंचा होगा।

करतला रेंजर मृत्युंजय शर्मा ने बताया कि कनकी में विदेशी पक्षी भारी तादाद में पहुंचे हैं। इन पक्षियों की मौत की खबर मिली थी। वन अमले को मौके पर रवाना किया गया था। पेड़ के खोह में कबरबिज्जु ने डेरा डाला हुआ है जो पक्षियों को नुकसान पहुंचा रहा था। खोह को बोरे से बंद किया गया है। साथ ही पेड़ में नेट लगाया गया है।

ग्रामीणों की माने तो पक्षियों के आने के बाद गांव में सुख शांति और समृद्धि रहती है जो इन्हें भगवान की तरह मानते हैं वही उनकी सुरक्षा के लिए गांव वाले हमेशा तत्पर रहते हैं। गांव में किसी को इसका शिकार नहीं करने देते वहीं इसके शिकार करने पर उसके खिलाफ जुर्माना की कार्यवाही करते हुए पुलिस से शिकायत भी की जाती है।