दमा के उपचार पर आयुर्वेदिक शिविर में दी जानकारी, सैकड़ों लोगों ने लिया लाभ

लायंस क्लब कोरबा एवरेस्ट और आयुष मेडिकल एसोसिएशन का संयुक्त आयोजन, डॉ. नागेंद्र नारायण शर्मा ने बताई औषधि की उपयोगिता

कोरबा। लायंस क्लब कोरबा एवरेस्ट और आयुष मेडिकल एसोसिएशन के संयुक्त तत्वावधान में शरद पूर्णिमा के अवसर पर निहारिका स्थित महानदी कॉम्प्लेक्स के पतंजलि चिकित्सालय एवं श्री शिव औषधालय में आयुर्वेदिक शिविर आयोजित किया गया। आयोजकों के अनुसार, शिविर में सैकड़ों लोगों ने भाग लिया। इस दौरान नाड़ीवैद्य डॉ. नागेंद्र नारायण शर्मा ने श्वास और दमा संबंधी रोगों के उपचार में आयुर्वेदिक औषधियों की भूमिका पर जानकारी दी।

डॉ. शर्मा ने कहा कि वंशानुगत कारणों और बढ़ते प्रदूषण के चलते श्वास संबंधी समस्याएं चिंता का विषय हैं। उन्होंने बताया कि दमा के मरीजों को उपचार के दौरान कई बार अपेक्षित राहत नहीं मिल पाती। उनके अनुसार, आयुर्वेद में श्वास संबंधी रोगों के उपचार के लिए विभिन्न औषधियों का उपयोग किया जाता है।

उन्होंने चित्रकूट के एक महात्मा द्वारा वर्षों के अनुसंधान के बाद तैयार की गई एक विशेष औषधि का उल्लेख किया। डॉ. शर्मा के मुताबिक, शरद पूर्णिमा पर निर्धारित विधि से इसके सेवन को लाभकारी माना जाता है। हालांकि, इस औषधि से दमा को पूरी तरह ठीक करने या शत-प्रतिशत लाभ मिलने के दावे की स्वतंत्र चिकित्सकीय पुष्टि की जानकारी उपलब्ध नहीं है।

कार्यक्रम में शिव जायसवाल, गजेंद्र राठौड़, प्रत्युष सक्सेना, सुधीर सक्सेना, नेत्रनंदन साहू, कमल धारिया, अश्वनी बुनकर और अरुण मानिकपुरी सहित अन्य लोग उपस्थित रहे।

चिकित्सकीय सावधानी: दमा के मरीज किसी भी वैकल्पिक औषधि के सेवन से पहले योग्य चिकित्सक से परामर्श लें। निर्धारित इनहेलर या दवाएं चिकित्सकीय सलाह के बिना बंद न करें।