गीत-संगीत, गरबा और बासुंदी के साथ महाराष्ट्र मंडल ने मनाया कोजागिरी उत्सव

कोरबा। महाराष्ट्र मंडल, भगिनी मंडल और गणेश सेवा समाज के संयुक्त तत्वावधान में रविवार, 25 अक्टूबर को बुधवार बाजार स्थित गजानन साईं मंदिर में कोजागिरी पूर्णिमा उत्सव उल्लासपूर्वक मनाया गया। आयोजन में बालको, कोरबा पूर्व-पश्चिम और एनटीपीसी क्षेत्र के सौ से अधिक महाराष्ट्रीयन बंधु-भगिनियों ने भाग लिया। गीत-संगीत, पारंपरिक भुलाबाई गीतों, अंताक्षरी, बच्चों के खेल और गरबा नृत्य ने उत्सव को यादगार बनाया।

कार्यक्रम की शुरुआत चिंतन ओत्तलवार की गणेश वंदना से हुई। इसके बाद सुनील पाठक, ज्ञानेश तिलवणकर, श्वेता ओत्तलवार और स्वाति रेगे ने हिंदी एवं मराठी गीत प्रस्तुत किए। जया जोशी ने पारंपरिक भुलाबाई गीतों की प्रस्तुति देकर मराठी लोकसंस्कृति की झलक दिखाई। प्रवीण जाखडी और प्राची जाखडी की सुगम संगीत अंताक्षरी ने भी श्रोताओं का मनोरंजन किया। बच्चों के लिए आयोजित खेलों और महिलाओं के गरबा नृत्य ने कार्यक्रम में उत्साह भर दिया।

प्रतिभाओं का सम्मान, परिवारों को मिले पुरस्कार

उत्सव के दौरान विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय उपलब्धियां हासिल करने वाले बच्चों और बड़ों को सम्मान पत्र देकर प्रोत्साहित किया गया। कृष्णा डायमंड एंड गोल्ड ज्वेलरी तथा कैलाश ऑटो एजेंसी की ओर से परिवारों को पुरस्कार प्रदान किए गए। सहभोज के दौरान पारंपरिक मिठाई बासुंदी वितरित की गई।

मंदिर के जीर्णोद्धार के लिए सहयोग

कार्यक्रम के दौरान सामाजिक सहभागिता और धार्मिक आस्था का परिचय देते हुए भगिनी मंडल ने गजानन साईं मंदिर के जीर्णोद्धार एवं नवनिर्माण के लिए 11 हजार रुपये का दान दिया। इसके अलावा सुधीर रेगे, प्रवीण जाखड़ी, हेमंत माहुलीकर, सुनील पाठक, ज्ञानेश तिलवणकर, मनोज जायसवाल, विवेक जोशी, चिंतन ओत्तलवार, राजेंद्र पागे, दांडेकर, आलोक दिवाटे, यामिनी गिरधर और सुधीर चिटणवीस ने भी मंदिर के लिए आर्थिक सहयोग की घोषणाएं कीं।

कोजागिरी उत्सव ने सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के माध्यम से महाराष्ट्रीयन परंपराओं को जीवंत किया। आयोजन में मनोरंजन के साथ सामाजिक एकजुटता और मंदिर के विकास में सामूहिक सहयोग का संदेश भी देखने को मिला।