उद्योगों की जरूरत के हिसाब से युवाओं को मिलेगा प्रशिक्षण, रोजगार पर कलेक्टर ने की चर्चा

कोरबा। जिले के युवाओं को उद्योगों की जरूरत के अनुरूप कौशल प्रशिक्षण देकर रोजगार के अवसरों से जोड़ने की दिशा में पहल की जा रही है। इसी उद्देश्य से जिला व्यापार एवं उद्योग केन्द्र, कोरबा द्वारा कलेक्टर कुणाल दुदावत की अध्यक्षता में बैठक आयोजित की गई। इसमें कौशल अंतर आकलन एवं भावी कार्यबल मानचित्रण रिपोर्ट पर चर्चा करते हुए उद्योगों की वर्तमान और भविष्य की मानव संसाधन जरूरतों की समीक्षा की गई।

उद्योगों की जरूरत के अनुसार तैयार होगा प्रशिक्षण
बैठक में कलेक्टर कुणाल दुदावत ने विभिन्न औद्योगिक संस्थानों के प्रतिनिधियों से उनकी वर्तमान और आगामी वर्षों की मानव संसाधन संबंधी आवश्यकताओं की जानकारी ली।

उन्होंने कहा कि जिले में आईटीआई और पॉलीटेक्निक संस्थान उपलब्ध होने के बावजूद युवाओं के रोजगार नियोजन में सुधार की जरूरत है। इसके लिए तकनीकी शिक्षण संस्थानों और उद्योगों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करना होगा।

कलेक्टर ने उद्योगों को आईटीआई से जोड़कर उनकी आवश्यकताओं के अनुरूप पाठ्यक्रम संचालित करने तथा युवाओं के लिए अप्रेंटिसशिप के अवसर बढ़ाने पर जोर दिया। उन्होंने औद्योगिक संस्थानों से अगले तीन वर्षों में आवश्यक ट्रेड और कुशल कार्यबल की जरूरतों के संबंध में लिखित सुझाव देने को कहा।

पांच साल की जरूरतों को ध्यान में रखकर बनेंगे पाठ्यक्रम
कलेक्टर ने आईटीआई में आगामी पांच वर्षों की औद्योगिक जरूरतों को ध्यान में रखते हुए नई तकनीकों और उभरते ट्रेडों में प्रशिक्षण पाठ्यक्रम शुरू करने की आवश्यकता बताई। इससे युवाओं को उद्योगों में इस्तेमाल होने वाली आधुनिक तकनीकों का प्रशिक्षण मिल सकेगा और रोजगार के लिए उनकी दक्षता बढ़ाई जा सकेगी।

बैठक में औद्योगिक नीति के तहत प्रशिक्षण कार्यक्रम संचालित करने वाले उद्योगों को मिलने वाली संभावित रियायतों पर भी चर्चा हुई। कलेक्टर ने बताया कि उद्योग यदि अपनी जरूरतों के अनुरूप प्रशिक्षण कार्यक्रम संचालित करते हैं, तो उद्योग स्थापना और प्रशिक्षण शुल्क में राज्य शासन के निर्धारित प्रावधानों के अनुसार छूट का लाभ मिल सकता है।

बैठक में जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी प्रतीक जैन, उद्योग विभाग के अधिकारी, उद्योग संघ के अध्यक्ष, जिला रोजगार अधिकारी, लाइवलीहुड कॉलेज, आईटीआई और पॉलीटेक्निक संस्थानों के प्रतिनिधि शामिल हुए। इसके अलावा सीपेट, मेडिकल कॉलेज, न्यू कोरबा हॉस्पिटल, एनटीपीसी, बालको, अदाणी, एसीबी इंडिया और एसईसीएल सहित विभिन्न औद्योगिक संस्थानों तथा निजी विद्यालयों के प्रतिनिधियों ने भी भाग लिया।

बैठक का उद्देश्य उद्योगों की वास्तविक जरूरतों और युवाओं को दिए जा रहे प्रशिक्षण के बीच के अंतर को कम करना तथा जिले में रोजगार के अवसरों के लिए अधिक प्रभावी व्यवस्था विकसित करना रहा।