हाथी के शावक की छठी मनाने जुटे सात गांवों के ग्रामीण

कोरबा। कोरबा वनमंडल के करतला वन परिक्षेत्र में हाथियों की मौजूदगी और मानव-हाथी द्वंद्व की चुनौतियों के बीच ग्रामीणों की एक अनूठी पहल सामने आई है। साजापानी सहित आसपास के सात गांवों के ग्रामीणों ने एकजुट होकर हाथी के नवजात शावक की छठी मनाई। इस अवसर पर दिनभर भजन-कीर्तन का आयोजन हुआ। कार्यक्रम में वन विभाग के एसडीओ मणिकांत वर्मा भी शामिल हुए।

सात गांवों के ग्रामीण हुए एकजुट

जानकारी के अनुसार, करतला वन परिक्षेत्र में एक मादा हाथी ने हाल ही में शावक को जन्म दिया है। इसके बाद हाथियों का झुंड नवजात की सुरक्षा के लिए उसके आसपास बना हुआ है। शावक की छठी मनाने के लिए साजापानी सहित सात गांवों के ग्रामीण एकत्र हुए और धार्मिक आयोजन किया।

वन विभाग के एसडीओ मणिकांत वर्मा ने ग्रामीणों की इस पहल को मानव-हाथी द्वंद्व की चुनौतियों के बीच सह-अस्तित्व का सकारात्मक संदेश बताया। हाथियों की आवाजाही से प्रभावित क्षेत्र में वन्यजीवों के प्रति ग्रामीणों की यह भावना चर्चा का विषय बनी हुई है।

नवजात सहित 11 हाथियों के झुंड पर निगरानी

बताया गया कि करतला वन परिक्षेत्र में नवजात शावक सहित 11 हाथियों का झुंड विचरण कर रहा है। वन विभाग का अमला हाथियों की गतिविधियों पर लगातार नजर रख रहा है। निगरानी के लिए ड्रोन कैमरे की भी मदद ली जा रही है, ताकि झुंड की स्थिति और आवाजाही पर नजर रखी जा सके।

एक ओर क्षेत्र में हाथियों की मौजूदगी से ग्रामीणों की सुरक्षा और फसलों को नुकसान की चुनौतियां बनी हुई हैं, वहीं दूसरी ओर शावक की छठी का आयोजन वन्यजीवों के प्रति ग्रामीणों के जुड़ाव को भी दर्शाता है।