श्रुति परंपरा ने पीढ़ियों तक पहुंचाया पौराणिक ज्ञान : सत्येंद्र दुबे

आरएसएस ने मनाया विजयादशमी उत्सव

कोरबा। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की ओर से विजयादशमी के अवसर पर मंगलवार को शारदा विहार स्थित दुर्गा पूजा मैदान में उत्सव का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में कोरबा विभाग संघचालक सत्येंद्र दुबे मुख्य वक्ता के रूप में शामिल हुए। उन्होंने संघ की स्थापना, विजयादशमी के ऐतिहासिक महत्व और सनातन परंपराओं पर विचार व्यक्त करते हुए पौराणिक ज्ञान को पीढ़ी-दर-पीढ़ी आगे पहुंचाने में श्रुति परंपरा की भूमिका को महत्वपूर्ण बताया।

कार्यक्रम का शुभारंभ राष्ट्र निर्माण के कार्यों में सक्रिय एसएन अग्रवाल के मुख्य आतिथ्य में हुआ। इस अवसर पर सत्येंद्र दुबे और उपनगर संघचालक अमृतलाल बत्रा ने दीप प्रज्ज्वलित किया। स्वयंसेवक सूर्यबली पाल ने एकल गीत प्रस्तुत किया, जबकि चंद्र कुमार शर्मा ने सुभाषित का पाठ किया।

मुख्य वक्ता सत्येंद्र दुबे ने कहा कि सनातन परंपरा में अनेक मान्यताएं और ज्ञान सदियों से संरक्षित रहे हैं। वेद-पुराणों की विषयवस्तु को श्रुति परंपरा के माध्यम से एक पीढ़ी से दूसरी पीढ़ी तक पहुंचाया गया। उन्होंने महाभारत के प्रसंगों का उल्लेख करते हुए पांडवों के वनवास और अज्ञातवास के दौरान आई कठिनाइयों की चर्चा की।

उन्होंने कहा कि विपरीत परिस्थितियों के बावजूद पांडव अपने लक्ष्य के प्रति दृढ़ रहे और सत्य व न्याय में विश्वास बनाए रखा। इन प्रसंगों से यह सीख मिलती है कि कठिन समय में धैर्य, दृढ़ संकल्प, लक्ष्य की स्पष्टता और सत्य के प्रति विश्वास व्यक्ति को आगे बढ़ने की प्रेरणा देते हैं।

कार्यक्रम में शारदा विहार इकाई के स्वयंसेवकों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की।