चोरभठ्ठी स्कूल पहुंचे सभापति, बच्चों से किया सवाल-जवाब

‘स्थानीय भाषा के साथ अंग्रेजी शिक्षा भी जरूरी’, सभापति की पाठशाला में प्रतिभाशाली विद्यार्थियों का सम्मान

कोरबा।सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चों की प्रतिभा निखारने, उनका आत्मविश्वास बढ़ाने और शिक्षा के प्रति रुचि विकसित करने के उद्देश्य से नगर निगम सभापति नूतन सिंह ठाकुर की पहल पर संचालित ‘सभापति की पाठशाला’ के तहत कोरबा विधानसभा के अंतिम छोर पर स्थित चोरभठ्ठी गांव के प्राथमिक शाला में कार्यक्रम आयोजित किया गया।

यहां सभापति ने बच्चों से सीधे संवाद कर पढ़ाई, खेल, कला और अंग्रेजी विषय से जुड़े सवाल पूछे। नन्हे विद्यार्थियों ने भी उत्साह और सहजता के साथ सवालों के जवाब दिए।

सभापति नूतन सिंह ठाकुर ने बच्चों का उत्साहवर्धन करते हुए कहा कि शिक्षा के माध्यम से ही बच्चों के भविष्य को बेहतर बनाया जा सकता है। स्थानीय भाषा और परिवेश से जुड़ाव बनाए रखते हुए अंग्रेजी शिक्षा पर भी ध्यान देना जरूरी है, ताकि ग्रामीण क्षेत्र के बच्चे भी आगे चलकर व्यापक अवसरों का लाभ उठा सकें।

प्रतिभाशाली बच्चों को किया पुरस्कृत
कार्यक्रम के दौरान नियमित रूप से स्कूल आने वाले और प्रतिभाशाली विद्यार्थियों शुभम, शिवांगी, सुहानी और आयुष को पुरस्कृत कर प्रोत्साहित किया गया। जनप्रतिनिधियों के बीच पहुंचने और सम्मान मिलने से बच्चों में खासा उत्साह देखने को मिला।

सभापति की पाठशाला का उद्देश्य शासकीय स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चों को नैतिक शिक्षा और सामान्य ज्ञान से जोड़ना, परीक्षा के प्रति उनके मन में रहने वाले डर को दूर करना तथा स्वस्थ प्रतिस्पर्धा की भावना विकसित करना है। इस पहल के माध्यम से जनप्रतिनिधियों को सरकारी स्कूलों से सीधे जोड़ने और विद्यार्थियों की शैक्षणिक प्रगति को प्रोत्साहित करने का प्रयास किया जा रहा है।

दो कमरों में पांचवीं तक की कक्षाएं
चोरभठ्ठी गांव के प्राथमिक शाला में सीमित संसाधनों के बीच पहली से पांचवीं तक की कक्षाएं संचालित हो रही हैं। स्कूल में केवल दो कमरे होने के बावजूद यहां पढ़ने वाले बच्चों के सपने और आगे बढ़ने का उत्साह किसी से कम नहीं है।

स्कूल की स्थिति और बुनियादी सुविधाओं की जरूरत को देखते हुए सभापति नूतन सिंह ठाकुर तथा क्षेत्रीय पार्षद सम्मत कंवर ने जिला प्रशासन और एनटीपीसी प्रबंधन से आवश्यक समस्याओं का निराकरण कराने की मांग की।

कार्यक्रम में एमआईसी सदस्य किशनलाल कैवर्त, क्षेत्रीय पार्षद सम्मत कंवर, रतन सिंह और स्कूल की शिक्षिका भुनेश्वरी राठौर उपस्थित रहीं। जनप्रतिनिधियों ने बच्चों को नियमित रूप से स्कूल आने, मन लगाकर पढ़ाई करने और अपने लक्ष्य हासिल करने के लिए प्रेरित किया।