11 वर्षीय विद्या की पेंटिंग में छलका गोमाता के प्रति प्रेम, तस्वीर के जरिए दिया सेवा का संदेश

गाय की स्थिति से भावुक होकर बनाई कलाकृति, बालिका की संवेदनशील पहल ने खींचा ध्यान

कोरबा।गोमाता के प्रति प्रेम और करुणा की भावना केवल बड़ों तक सीमित नहीं है, बल्कि बच्चों के मन में भी जीवों के प्रति संवेदनशीलता गहराई से बसी होती है। इसकी एक भावुक झलक ग्राम कुदुरमाल की 11 वर्षीय बालिका विद्या बैरागी की बनाई पेंटिंग में देखने को मिली है। स्वर्गीय राजेश कुमार बैरागी की पुत्री विद्या ने अपनी कलाकृति के माध्यम से गाय के प्रति अपनी भावनाएं व्यक्त करते हुए लोगों को पशुओं की सेवा और संरक्षण का संदेश दिया है।

विद्या ने कागज पर गाय का चित्र उकेरा है। उसकी इस पेंटिंग में गोमाता के प्रति श्रद्धा और संवेदना की झलक दिखाई देती है। गाय की स्थिति को लेकर मन में उपजे भावों को उसने रंगों और रेखाओं के माध्यम से व्यक्त करने का प्रयास किया है।

छोटी उम्र में संवेदना की बड़ी अभिव्यक्ति
विद्या की यह कलाकृति बताती है कि आसपास दिखाई देने वाली परिस्थितियां बच्चों के मन को भी गहराई से प्रभावित करती हैं। महज 11 वर्ष की उम्र में उसने अपनी भावनाओं को चित्र के माध्यम से सामने रखा है। उसकी पेंटिंग पशुओं के प्रति दया, प्रेम और जिम्मेदारी का संदेश देती है।

गोमाता के प्रति आस्था के साथ ही बेजुबान पशुओं की देखभाल और उनके प्रति संवेदनशील व्यवहार भी जरूरी है।

विद्या की यह पहल लोगों को इसी दिशा में सोचने के लिए प्रेरित करती है।

विद्या की पेंटिंग का संदेश साफ है बेजुबान जीवों के प्रति करुणा और सेवा का भाव ही सच्ची संवेदनशीलता की पहचान है।