मदनपुर घाट में दो ट्रेलरों की भिड़ंत, 10 घंटे जाम में फंसे रहे यात्री

नेशनल हाईवे पर दोनों ओर लगी वाहनों की लंबी कतारें, एंबुलेंस और स्कूली बसें भी फंसीं; टोल की सुविधाओं पर ग्रामीणों ने उठाए सवाल

कोरबा।मोरगा चौकी क्षेत्र अंतर्गत मदनपुर पुटा घाट में नेशनल हाईवे पर दो ट्रेलरों की भिड़ंत के बाद करीब 10 घंटे तक अफरातफरी की स्थिति बनी रही। हादसे के चलते हाईवे के दोनों ओर कई किलोमीटर तक वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। जाम में यात्री बसों, एंबुलेंस और स्कूली बसों सहित बड़ी संख्या में वाहन फंस गए। घंटों तक यातायात बाधित रहने से यात्रियों, खासकर महिलाओं और बच्चों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा। पुलिस ने क्रेन की मदद से दुर्घटनाग्रस्त ट्रेलरों को हटवाकर यातायात बहाल कराया।

ब्रेकडाउन ट्रेलर से पीछे से टकराया दूसरा वाहन
जानकारी के अनुसार, घटना रात करीब दो बजे की है। नेशनल हाईवे पर एक ट्रेलर ब्रेकडाउन होने के कारण खड़ा था। इसी दौरान पीछे से तेज रफ्तार में आ रहा दूसरा ट्रेलर उससे टकरा गया। टक्कर के बाद दोनों वाहन सड़क पर ही फंस गए, जिससे घाट क्षेत्र में यातायात पूरी तरह ठप हो गया।

देखते ही देखते सड़क के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। जाम में भारी मालवाहक वाहनों के साथ चारपहिया वाहन और बाइक सवार भी फंस गए। यात्री बसों में सवार महिलाओं, बच्चों और अन्य यात्रियों को करीब 10 घंटे तक जाम खुलने का इंतजार करना पड़ा। आवश्यक सेवाओं से जुड़े वाहनों के फंसने से भी लोगों की चिंता बढ़ गई।

वाहन चालकों में विवाद, पुलिस ने संभाला मोर्चा
जाम खुलवाने और वाहनों को आगे निकालने के दौरान वाहन चालकों के बीच विवाद की स्थिति भी निर्मित हुई। हालात संभालने के लिए पुलिस को हस्तक्षेप करना पड़ा। सूचना मिलते ही मोरगा चौकी पुलिस मौके पर पहुंची और यातायात बहाल कराने की कवायद शुरू की।

क्रेन की मदद से दोनों दुर्घटनाग्रस्त ट्रेलरों को सड़क से हटाया गया, जिसके बाद वाहनों की आवाजाही सामान्य हो सकी।

पुलिस के जवान रातभर मौके पर तैनात रहे। इस दौरान उन्हें वाहन चालकों और यात्रियों के विरोध का भी सामना करना पड़ा।


टोल वसूली पर सवाल, राहत व्यवस्था मजबूत करने की मांग
नेशनल हाईवे पर लगातार हो रहे हादसों और जाम की समस्या को लेकर ग्रामीणों में नाराजगी है। उनका आरोप है कि टोल नाके पर शुल्क तो वसूला जाता है, लेकिन आपात स्थिति में अपेक्षित सुविधाएं समय पर उपलब्ध नहीं हो पातीं।

ग्रामीणों का कहना है कि दुर्घटना होने पर टोल प्रबंधन की एक्सीडेंटल रिलीफ वैन को तत्काल मौके पर पहुंचकर राहत कार्य में मदद करनी चाहिए। इसके साथ ही जाम की स्थिति में दुर्घटनाग्रस्त वाहनों को शीघ्र हटाने और यातायात सुचारू करने की प्रभावी व्यवस्था होनी चाहिए। ग्रामीणों के अनुसार, पिछले 15 दिनों में इस क्षेत्र में यह तीसरा बड़ा हादसा है।

लगातार ऐसी घटनाओं से घाट मार्ग पर यात्रा करने वाले लोगों की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ रही है।

अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक लखन पटले ने बताया कि नेशनल हाईवे पर एक वाहन ब्रेकडाउन होने के कारण खड़ा था, तभी पीछे से आ रहा दूसरा वाहन उससे टकरा गया। घटना रात करीब दो बजे हुई थी। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर जाम खुलवाया और यातायात बहाल कराया।

घाट क्षेत्र में बार-बार लगने वाले जाम और दुर्घटनाओं को देखते हुए दुर्घटनाग्रस्त वाहनों को तत्काल हटाने, राहत व्यवस्था दुरुस्त करने और यातायात प्रबंधन मजबूत करने की जरूरत महसूस की जा रही है।