रेल कॉरिडोर की पटरियों पर चोरों की नजर, जटगा में 32 कटे ट्रैक बरामद

कोरबा ।छत्तीसगढ़ रेल कॉरिडोर के निर्माण के बीच रेलवे की पटरियों की चोरी का मामला सामने आने से हड़कंप मच गया है। इसी कड़ी में पुलिस कार्रवाई के दौरान जटगा चौकी क्षेत्र के ग्राम बरमपुर में पुलिस ने एक मकान से रेलवे ट्रैक की 32 कटी हुई पटरियां बरामद की हैं। मौके से गैस कटर, 6 गैस सिलेंडर और एक स्वराज माजदा वाहन सहित बड़ी संख्या में औजार भी जब्त किए गए हैं।

पुलिस को मुखबीर सूचना मिली थी कि बरमपुर के एक मकान में रेलवे निर्माण से जुड़ी सामग्री संदिग्ध तरीके से रखी गई है। सूचना की तस्दीक के बाद पुलिस टीम ने मकान में दबिश दी। तलाशी के दौरान करीब 12-12 फीट लंबी 32 रेलवे पटरी बरामद हुई।

किराए के मकान में रखा था माल
जानकारी के अनुसार जिस मकान से रेलवे की पटरियां मिली हैं, उसे एक युवक ने किराए पर लिया था। जानकारी के मुताबिक वह युवक रेल कॉरिडोर के नए रेल लाइन निर्माण में लगी एक निजी कंपनी में काम करता था। पुलिस को आशंका है कि निर्माण कार्य के दौरान रेलवे की पटरियों को चोरी कर इसी मकान में लाया गया और गैस कटर की मदद से काटकर अलग-अलग हिस्सों में छिपाकर रखा गया। हालांकि, चोरी की पटरियां वास्तव में कहां से लाई गईं और इसमें कितने लोग शामिल हैं, इसका खुलासा जांच के बाद ही होगा।

पुलिस पहुंची तो कथित आरोपी फरार
बताया जा रहा है कि उक्त कार्रवाई के दौरान पुलिस के पहुंचने की भनक लगते ही संदिग्ध युवक मौके से फरार हो गया। पुलिस ने उसकी तलाश शुरू कर दी है। जब्त सामान की जांच के साथ पुलिस यह भी पता लगाने में जुटी है कि बरामद रेल पटरी निर्माणाधीन रेल लाइन के किस हिस्से से गायब हुई थी।

रेल कॉरिडोर के निर्माण में इस्तेमाल होने वाली सामग्री की सुरक्षा को लेकर यह मामला इसलिए भी गंभीर माना जा रहा है, क्योंकि इससे पहले बांकीमोंगरा थाना क्षेत्र में भी रेलवे निर्माण सामग्री चोरी का मामला सामने आ चुका है। जटगा में बड़ी संख्या में रेल पटरी बरामद होने के बाद अब निर्माण स्थल और स्टॉक किए गए रेलवे सामान की निगरानी पर सवाल उठने लगे हैं।

कंपनी और रेलवे अधिकारियों को दी गई सूचना
जटगा चौकी प्रभारी भीम यादव के अनुसार, बरामद सामग्री रेलवे निर्माण से संबंधित है। मामले की जानकारी रेलवे के संबंधित अधिकारियों और निर्माण कार्य में लगी कंपनी के अधिकारियों को दे दी गई है।

जब्त सामान की जांच की जा रही है और फरार आरोपी की तलाश जारी है। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि रेलवे की पटरियां कहां से चोरी हुईं, उन्हें किसके जरिए यहां लाया गया और क्या इसके पीछे कोई संगठित कबाड़ गिरोह सक्रिय है।