अमानक गणेश प्रतिमाओं पर आपत्ति, 100 से ज्यादा में सुधार

मूर्तिकारों ने मानी आपत्ति, कार्टून-एआई स्वरूप और पीओपी प्रतिमाओं के प्रयोग पर जताई नाराजगी

कोरबा। गणेशोत्सव से पहले कोरबा में गणेश प्रतिमाओं के स्वरूप और निर्माण सामग्री को लेकर विवाद सामने आया। स्थानीय मूर्तिकारों ने माटी मूर्तिकार विकास समिति कोरबा और हिंदू नारायणी सेना की आपत्ति के बाद 100 से अधिक प्रतिमाओं में सुधार किए जाने का दावा किया है। संगठनों ने प्रतिमाओं में धार्मिक भावनाओं और पर्यावरणीय मानकों का ध्यान रखने की मांग की थी।

जानकारी के अनुसार, गणेशोत्सव से पहले कुछ प्रतिमाओं के स्वरूप को लेकर संगठनों ने आपत्ति जताई थी। उनका कहना था कि गणेश प्रतिमाओं को कार्टून, बाल स्वरूप, एआई स्वरूप अथवा नाचते-गाते एवं डांस करते हुए स्वरूप में तैयार करना धार्मिक भावनाओं के अनुरूप नहीं है। इसके अलावा प्लास्टर ऑफ पेरिस (पीओपी) के इस्तेमाल पर भी पर्यावरणीय दृष्टि से चिंता जताई गई।

माटी मूर्तिकार विकास समिति के अध्यक्ष बिसाहू राम कुंभकार एवं हिंदू नारायणी सेना की ओर से इस संबंध में कलेक्टर को ज्ञापन सौंपकर कार्रवाई की मांग की गई थी।

संगठनों ने मनमाने तरीके से प्रतिमाएं तैयार किए जाने पर आंदोलन की चेतावनी भी दी थी। इसके बाद गणेश चतुर्थी से पहले संबंधित प्रतिमाओं के स्वरूप में सुधार का काम किया गया।

बैठक में संगठन प्रमुख अरविंद अग्रवाल, करुणा निधि, श्याम सारथी, राम साहू, तरुण मिश्रा, संदीप श्रीवास, भरत यादव, राजेश महंत सहित अन्य सदस्य मौजूद रहे। कुंभकार समाज के अध्यक्ष भी बैठक में शामिल हुए। चर्चा के दौरान प्रतिमाओं के स्वरूप में किए जा रहे प्रयोग और उनके धार्मिक एवं पर्यावरणीय प्रभावों पर विचार-विमर्श किया गया।

संगठन की ओर से कहा गया कि गणेश प्रतिमाओं के निर्माण में धार्मिक भावनाओं का सम्मान करने के साथ पर्यावरण का भी ध्यान रखा जाना चाहिए। वहीं, मूर्तिकारों की ओर से कथित तौर पर स्वीकार किया गया कि व्यवसायिक प्रतिस्पर्धा के चलते प्रतिमाओं के स्वरूप में इस तरह के प्रयोग किए गए। संगठनों ने दावा किया कि आपत्ति के बाद करीब 100 प्रतिमाओं में आवश्यक सुधार किया गया है।