मुख्य न्यायमूर्ति रमेश सिन्हा ने कटघोरा न्यायालय की अधोसंरचना का लिया जायजा

अधिवक्ताओं ने रखीं समस्याएं और मांगें, मुख्य न्यायमूर्ति ने नियमानुसार निराकरण का दिया भरोसा

कोरबा। छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय, बिलासपुर के मुख्य न्यायमूर्ति रमेश सिन्हा ने शनिवार को कोरबा जिला न्यायालय एवं व्यवहार न्यायालय, कटघोरा का निरीक्षण किया। उन्होंने न्यायालय परिसरों में उपलब्ध अधोसंरचना, न्यायालयीन व्यवस्थाओं, मूलभूत सुविधाओं सहित अन्य व्यवस्थाओं का जायजा लिया। निरीक्षण का उद्देश्य न्यायालयीन कार्यों को अधिक सुचारू, प्रभावी और सुविधाजनक बनाने के साथ उपलब्ध संसाधनों एवं सुविधाओं की स्थिति का अवलोकन करना रहा।

कटघोरा पहुंचने पर अधिवक्ता संघ, कटघोरा की ओर से मुख्य न्यायमूर्ति रमेश सिन्हा का आत्मीय स्वागत एवं सम्मान किया गया। इस दौरान अधिवक्ता संघ के पदाधिकारियों एवं सदस्यों ने न्यायालय परिसर और अधिवक्ताओं से जुड़ी विभिन्न समस्याओं तथा आवश्यकताओं को उनके समक्ष रखा।

मुख्य न्यायमूर्ति ने अधिवक्ताओं की समस्याओं और मांगों को गंभीरतापूर्वक सुना। उन्होंने अधिवक्ता संघ द्वारा प्रस्तुत मांगों पर नियमानुसार एवं विधिवत विचार किए जाने का आश्वासन दिया।

न्यायालयीन अधोसंरचना को बेहतर बनाने पर जोर
मुख्य न्यायमूर्ति रमेश सिन्हा ने कहा कि अपने पिछले साढ़े तीन वर्षों के कार्यकाल के दौरान न्यायालयीन व्यवस्थाओं को बेहतर बनाने के साथ न्यायालयों की अधोसंरचना के विकास पर भी विशेष ध्यान दिया गया है। न्यायालयों में आवश्यक सुविधाओं के विस्तार तथा न्यायिक कार्यों के लिए बेहतर वातावरण उपलब्ध कराने की दिशा में निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं।

उन्होंने कहा कि प्रभावी न्याय व्यवस्था के लिए केवल न्यायिक प्रक्रिया का सुचारू संचालन ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि न्यायालय में आने वाले पक्षकारों, अधिवक्ताओं और न्यायिक अधिकारियों के लिए बेहतर सुविधाएं एवं पर्याप्त अधोसंरचना भी जरूरी है। इसी दृष्टिकोण से न्यायालयीन व्यवस्थाओं का समय-समय पर निरीक्षण किया जा रहा है।

न्यायाधीशों के साथ की बैठक
निरीक्षण के दौरान मुख्य न्यायमूर्ति ने व्यवहार न्यायालय, कटघोरा के न्यायाधीशों के साथ बैठक भी की। बैठक में न्यायालयीन कार्यों के संचालन, लंबित प्रकरणों की स्थिति तथा न्यायिक व्यवस्थाओं से संबंधित विभिन्न विषयों पर विस्तार से चर्चा हुई।

उन्होंने न्यायालयीन कार्यों को अधिक प्रभावी एवं व्यवस्थित बनाने के साथ लंबित प्रकरणों के शीघ्र निराकरण की दिशा में आवश्यक प्रयास करने पर जोर दिया। निरीक्षण एवं बैठक के दौरान न्यायालय की कार्यप्रणाली को बेहतर बनाने तथा न्यायिक प्रक्रिया को अधिक सुविधाजनक बनाने से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर भी विचार-विमर्श किया गया।

मुख्य न्यायमूर्ति के निरीक्षण से न्यायालयीन अधोसंरचना और सुविधाओं के विस्तार की दिशा में उम्मीद जगी है। वहीं, अधिवक्ता संघ द्वारा रखी गई समस्याओं पर सकारात्मक विचार के आश्वासन से अधिवक्ताओं में भी संतोष का भाव नजर आया।