घंटाघर चौक में सजेगा प्रदेश स्तरीय भोजली महोत्सव

29 अगस्त को निकलेगी भोजली रैली, प्रदेशभर के लोक कलाकार देंगे सांस्कृतिक प्रस्तुतियां

कोरबा।ऊर्जाधानी कोरबा की पहचान कोयला और उद्योगों के साथ-साथ समृद्ध लोकसंस्कृति और परंपराओं से भी है। इसी लोक विरासत को संरक्षित करने और नई पीढ़ी को अपनी जड़ों से जोड़ने के उद्देश्य से छत्तीसगढ़िया क्रांति सेना गैर-राजनीतिक संगठन द्वारा 29 अगस्त को ऐतिहासिक घंटाघर चौक में प्रदेश स्तरीय भोजली रैली एवं महोत्सव का आयोजन किया जाएगा। आयोजन को लेकर संगठन ने तिलक भवन में पत्रकारवार्ता आयोजित कर जानकारी दी।

प्रदेश संयोजक दिलीप मिरी ने बताया कि भोजली महज टोकरी में उगाए जाने वाले पौधों का पर्व नहीं है, बल्कि यह धरती मां के प्रति कृतज्ञता, प्रकृति वंदना और सामाजिक सौहार्द की समृद्ध परंपरा का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि आधुनिकता और मोबाइल की दुनिया में नई पीढ़ी को अपनी लोक संस्कृति से जोड़ना बेहद जरूरी है। करमा, सुआ और भोजली जैसी परंपराएं हमारी सांस्कृतिक पहचान हैं, जिन्हें आगे बढ़ाने की जिम्मेदारी समाज की है।

पारंपरिक वेशभूषा में शामिल होंगी महिलाएं
आयोजन में प्रदेश के विभिन्न जिलों से लोक कलाकारों के पहुंचने की संभावना है। पारंपरिक वेशभूषा में माताएं-बहनें सिर पर भोजली का कलश धारण कर रैली में शामिल होंगी।

मांदर, झांझ-मंजीरे की थाप और लोकगीतों के बीच विभिन्न सांस्कृतिक प्रस्तुतियां दी जाएंगी। आकर्षक झांकियां भी रैली का प्रमुख आकर्षण रहेंगी।

संगठन पदाधिकारियों ने बताया कि भोजली पर्व केवल धार्मिक या सांस्कृतिक आयोजन नहीं, बल्कि सामाजिक एकता, भाईचारे और आपसी संबंधों को मजबूत करने का माध्यम भी है। भोजली विसर्जन के बाद एक-दूसरे को भोजली भेंट कर मितान बदने और आत्मीय संबंधों को मजबूत करने की परंपरा निभाई जाती है।

छत्तीसगढ़िया क्रांति सेना ने जिले एवं प्रदेशवासियों के साथ-साथ मीडिया जगत से भी प्रदेश स्तरीय भोजली रैली एवं महोत्सव में सहभागिता की अपील की है।

पत्रकारवार्ता में जिला संयोजक अतुल दास महंत, प्रदेश उपाध्यक्ष उमा गोपाल, जिलाध्यक्ष एलेक्जेंडर टोप्पो, महिला विंग जिलाध्यक्ष विमला ध्रुव और मीडिया प्रभारी कन्हैया सुंदर सहित संगठन के पदाधिकारी उपस्थित रहे।