गौ संरक्षण-संवर्धन के लिए गौसेवकों ने दोहराया संकल्प, गौमाता को राज्यमाता का दर्जा दिलाने की उठी मांग

कोरबा।विश्व हिंदू परिषद की गौसेवा शाखा के तत्वावधान में रविवार को जिलेभर के गौसेवकों की महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक में गौमाता की सुरक्षा, संरक्षण एवं संवर्धन को लेकर गौसेवकों ने एकजुटता का परिचय देते हुए सामूहिक संकल्प लिया। साथ ही गौमाता को राज्यमाता का दर्जा दिलाने की मांग को लेकर भी आवाज बुलंद की गई।

बैठक में वक्ताओं ने कहा कि भारतीय संस्कृति और सनातन परंपरा में गौमाता का विशेष महत्व रहा है। गौ संरक्षण केवल धार्मिक आस्था तक सीमित विषय नहीं है, बल्कि इसका सामाजिक, आर्थिक एवं पर्यावरणीय महत्व भी है। उन्होंने कहा कि गौवंश की सुरक्षा और देखभाल के लिए समाज के प्रत्येक वर्ग को आगे आकर अपनी जिम्मेदारी निभानी चाहिए।

इस दौरान जिले में निराश्रित एवं घायल गौवंश के संरक्षण, उनके उपचार तथा चारे-पानी की समुचित व्यवस्था को लेकर चर्चा की गई। गौसेवकों ने गौ तस्करी एवं गौ क्रूरता पर प्रभावी रोक लगाने के लिए प्रशासन से सख्त कदम उठाने की मांग की।

बैठक में गौसेवकों ने कहा कि सड़कों और सार्वजनिक स्थानों पर निराश्रित गौवंश की स्थिति को देखते हुए उनके संरक्षण के लिए ठोस व्यवस्था आवश्यक है। इसके लिए प्रशासन के साथ-साथ सामाजिक संगठनों और आम नागरिकों को भी मिलकर प्रयास करना होगा।

गौसेवकों ने आम नागरिकों से गौसेवा के कार्यों में सक्रिय सहयोग करने तथा घायल एवं बेसहारा गौवंश की सूचना संबंधित संस्थाओं एवं प्रशासन तक पहुंचाने की अपील की।

बैठक का उद्देश्य गौ संरक्षण के प्रति जनजागरूकता बढ़ाने और समाज को इस दिशा में सक्रिय रूप से जोड़ना रहा।