सड़क हादसों पर प्रशासन सख्त , मवेशियों के पालकों पर लगेगा भारी जुर्माना

कलेक्टर ने धरपकड़ अभियान तेज करने के दिए निर्देश, स्कूल शिक्षा और ऑनलाइन उपस्थिति की भी समीक्षा

पीएमओ, मुख्यमंत्री हेल्पलाइन और एग्रीस्टैक पोर्टल के लंबित मामलों के शीघ्र निराकरण पर जोर

कोरबा। जिले में लगातार हो रही सड़क दुर्घटनाओं को गंभीरता से लेते हुए कलेक्टर कुणाल दुदावत ने संबंधित विभागों के अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि सड़कों पर घूमने वाले आवारा मवेशियों के कारण दुर्घटनाओं का खतरा बढ़ रहा है, इसलिए मवेशियों को पकड़कर उनके मालिकों पर भारी जुर्माना लगाया जाए।

जुर्माना वसूलने के बाद ही पशुओं को छोड़ा जाए, ताकि लापरवाही पर अंकुश लगाया जा सके।

साप्ताहिक समीक्षा बैठक में कलेक्टर ने नगरीय निकायों के अधिकारियों को विशेष अभियान चलाकर प्रमुख सड़कों से आवारा मवेशियों को हटाने के निर्देश दिए। वहीं पशुधन विकास विभाग को मवेशियों के सींग और गले में रेडियम पट्टी लगाने का कार्य तेज करने को कहा, जिससे रात के समय सड़क हादसों की संभावना कम हो सके।

बैठक में प्रधानमंत्री कार्यालय (पीएमओ), मुख्यमंत्री जनदर्शन एवं मुख्यमंत्री हेल्पलाइन के लंबित प्रकरणों की समीक्षा करते हुए समयबद्ध निराकरण के निर्देश दिए गए। कलेक्टर ने एग्रीस्टैक पोर्टल पर किसानों की जानकारी दर्ज करने की प्रक्रिया में तेजी लाने तथा एकल खाताधारक किसानों की प्रविष्टि 15 अगस्त तक पूरी करने के निर्देश दिए।

शिक्षा विभाग की समीक्षा के दौरान विकासखंड कोरबा और पोड़ी-उपरोड़ा में पाठ्यपुस्तकों की स्कैनिंग की धीमी प्रगति पर नाराजगी जताई गई। उन्होंने सरस्वती साइकिल योजना के तहत छात्राओं को शीघ्र साइकिल वितरण तथा विद्यार्थियों को गणवेश का दूसरा सेट उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।

मानदेय शिक्षकों की भर्ती में अनियमितता संबंधी शिकायतों के निराकरण में देरी पर संबंधित प्रधानपाठकों की वेतनवृद्धि रोकने तथा जिला शिक्षा अधिकारी को नोटिस जारी करने के निर्देश भी दिए।

ऑनलाइन उपस्थिति अनिवार्य, ऑफलाइन फाइलों पर रोक

कलेक्टर ने सभी विभाग प्रमुखों को कार्यालयों में ऑनलाइन उपस्थिति प्रणाली लागू करने और समय पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने विकासखंड स्तर तक सभी कर्मचारियों का ऑनबोर्डिंग कर ऑनलाइन उपस्थिति दर्ज कराने को कहा।

साथ ही स्पष्ट किया कि अब सभी कार्यालयों में ई-ऑफिस प्रणाली के माध्यम से ही फाइलों का आदान-प्रदान होगा और ऑफलाइन फाइलें स्वीकार नहीं की जाएंगी। अधिकारियों को ई-एचआरएमएस पोर्टल पर भी अनिवार्य रूप से ऑनबोर्ड होने के निर्देश दिए गए।