वेतन और श्रमिक सुविधाओं की मांग को लेकर एचटीपीपी अस्पताल के ठेका कर्मी हड़ताल पर

ईपीएफ, ईएसआईसी और निर्धारित वेतन नहीं मिलने का आरोप, भारतीय संविदा मजदूर महासंघ के नेतृत्व में आंदोलन शुरू

कोरबा। छत्तीसगढ़ राज्य विद्युत उत्पादन कंपनी के दर्री-पश्चिम स्थित एचटीपीपी विभागीय अस्पताल में कार्यरत ठेका श्रमिकों ने अपनी विभिन्न मांगों को लेकर कामबंद हड़ताल शुरू कर दी है। श्रमिकों का आरोप है कि उन्हें शासन द्वारा निर्धारित वेतन नहीं दिया जा रहा है तथा ईपीएफ और ईएसआईसी जैसी वैधानिक सुविधाओं से भी वंचित रखा गया है।

भारतीय संविदा मजदूर महासंघ के नेतृत्व में शुरू हुए इस आंदोलन में अस्पताल के ठेका कर्मियों ने ठेकेदार कंपनी के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए श्रम कानूनों के पालन की मांग की है। आंदोलनरत कर्मचारियों का कहना है कि लंबे समय से समस्याओं के समाधान के लिए प्रयास किए जा रहे थे, लेकिन कोई सकारात्मक पहल नहीं हुई।

संघ के कोरबा-पश्चिम सचिव मदन मोहन पांडेय ने बताया कि विभागीय चिकित्सालय में मेसर्स इक्यूपमेट्स केयर कोरबा के अंतर्गत कार्यरत श्रमिकों ने शिकायत की थी कि उन्हें ईपीएफ, ईएसआईसी और शासन द्वारा निर्धारित न्यूनतम वेतन का लाभ नहीं मिल रहा है। इस संबंध में संयंत्र के मुख्य अभियंता को भी लिखित रूप से अवगत कराया गया था।

उन्होंने बताया कि 11 जून तक समस्याओं के समाधान की मांग की गई थी तथा चेतावनी दी गई थी कि मांगें पूरी नहीं होने पर 15 जून से कामबंद आंदोलन शुरू किया जाएगा।

निर्धारित समयावधि में समाधान नहीं होने के कारण श्रमिकों ने हड़ताल शुरू कर दी है।

हड़ताली कर्मचारियों ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों का शीघ्र निराकरण नहीं किया गया तो आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जाएगा। वहीं अस्पताल में कार्य प्रभावित होने की आशंका के बीच प्रबंधन और ठेका कंपनी की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।