मुक्तिधाम की चिंगारी ने बर्बाद किया घर और सामान, तीन सदस्यों ने बचाई अपनी जान

कोरबा। पचरा गांव में एक व्यक्ति के अंतिम संस्कार के बाद मुक्तिधाम की चिंगारी से एक ग्रामीण का घर और भीतर रखा सामान राख हो गया। हालांकि आगजनी पर नियंत्रण के लिए लोगों ने कोशिश की जो नाकाम रही। इससे पहले घर के मुखिया सहित उसके दो बच्चों ने आनन-फानन में खुद को बचाया। प्रशासन ने इस मामले में आग से जले सामानों पर क्षतिपूर्ति देने की बात कही है।

जानकारी के अनुसार पोड़ी उपरोड़ा ब्लॉक के पचरा गांव के शिवनंदन सिंह (75 वर्ष) का निधन हो गया था। उनका अंतिम संस्कार स्थानीय मुक्तिधाम में किया जा रहा था।

मुक्तिधाम उमेश सिंह के घर से कुछ ही दूरी पर स्थित है। तेज हवा के कारण चिता से उड़ी चिंगारी उमेश सिंह के कच्चे मकान तक पहुंच गई, जिससे आग लग गई।

इसके असर से न केवल घर बल्कि भीतर रखे कपड़े, बर्तन, नगदी और अनाज स्वाहा हो गया। हादसे के समय पत्नी नहाने गई थी और उमेश सिंह और उनके दो बच्चे घर में मौजूद थे, जिन्होंने भागकर अपनी जान बचाई। स्थानीय लोगों ने आग बुझाने का प्रयास किया, लेकिन तब तक काफी नुकसान हो चुका था।

गांव के सरपंच पति रघुनंदन कुजूर ने घटना के बारे में प्रशासन को अवगत कराया है।

पोड़ी उपरोड़ा के एसडीएम मनोज बंजारे ने बताया कि अग्नि दुर्घटनाओं में हुए नुकसान की क्षतिपूर्ति का प्रावधान है।

पीड़ित परिवार इसके लिए आवेदन कर सकता है। जबकि प्राकृतिक आपदा के मामले में संपूर्ण नुकसान की भरपाई करने के नियम हैं।

आखिर कैसे होगा गुजर-बसर
अग्नि दुर्घटना में अपना घर और सामान गंवाने वाले उमेश सिंह के सामने समस्या खड़ी हो गई है। फौरी तौर पर वह कैसे अपने रहने और जीवन यापन का प्रबंध करे। कारण यह है कि आगजनी में सबकुछ स्वाहा हो गया है। स्थानीय लोगों और आसपास के कुछ परिचितों ने सामान्य सहायता करने की बात कही है।

इस मामले को जिला पंचायत अध्यक्ष और विधायक की जानकारी में भी लाया गया है ताकि पीड़ित पक्ष को आवश्यक सहायता दिलाई जा सके।