डिजिटल स्व-गणना से मजबूत होगी विकास की नींव: कलेक्टर दुदावत

कोरबा। कलेक्टर एवं प्रमुख जनगणना अधिकारी कुणाल दुदावत ने कहा है कि हर कोई डिजिटल स्व-गणना के फॉर्मेट पर रुचि लें। आने वाले समय में जब प्रगणक उनसे संपर्क करेंगे तो जानकारी देना सुविधाजनक काम होगा। इससे विकास की नींव भी मजबूत होगी। यह राष्ट्रीय महत्व का काम है।

16 अप्रैल से 30 अप्रैल तक स्व-गणना की सुविधा
बुधवार को प्रेस कांफ्रेंस में कलेक्टर श्री दुदावत ने बताया कि भारत की जनगणना 2027 को नवीन डिजिटल स्वरूप में आयोजित किया जा रहा है, जिसमें नागरिकों को स्व-गणना की सुविधा प्रदान की गई है। इसके अंतर्गत 16 अप्रैल से 30 अप्रैल 2026 तक कोई भी नागरिक स्वयं अपने मोबाइल या अन्य डिजिटल माध्यम से अपनी जानकारी दर्ज कर सकता है।

1 मई से घर-घर जाकर सत्यापन किया जाएगा
स्व-गणना के पश्चात 1 मई से 30 मई 2026 तक जिले में घर-घर जाकर मकान सूचीकरण एवं जानकारी का सत्यापन किया जाएगा। इस दौरान प्रगणक नागरिकों से संपर्क कर उनके द्वारा दर्ज की गई जानकारी का मिलान करेंगे, जिससे आंकड़ों की शुद्धता एवं विश्वसनीयता सुनिश्चित हो सके।

24 चार्ज अधिकारी किए गए नियुक्त
उन्होंने बताया कि कोरबा जिले में कुल 24 चार्ज अधिकारी हैं, जिनके माध्यम से कार्य का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जा रहा है। इनमें 12 तहसीलों में तहसीलदार, 5 नगरीय निकायों में 4 मुख्य नगर पालिका अधिकारी तथा 1 नगर निगम क्षेत्र में 7 जोन अधिकारियों को चार्ज अधिकारी के रूप में नियुक्त किया गया है।

2073 हाउस लिस्टिंग ब्लॉक्स का गठन
जिले में कुल 2073 हाउस लिस्टिंग ब्लॉक्स (एचएलबी) का गठन किया गया है, जिससे प्रत्येक क्षेत्र को सूक्ष्म स्तर पर कवर किया जा सके।

2384 प्रगणक एवं सुपरवाइजर होंगे प्रशिक्षित
इसके साथ ही 2384 प्रगणक एवं सुपरवाइजरों की नियुक्ति कर उनका प्रशिक्षण 24 अप्रैल 2026 तक पूर्ण किया जा रहा है। प्रशिक्षण के दौरान उन्हें डिजिटल उपकरणों के उपयोग, डेटा एंट्री की सटीकता, नागरिकों से संवाद कौशल एवं गोपनीयता के मानकों के संबंध में विस्तृत मार्गदर्शन प्रदान किया जा रहा है।

3000 मैनपावर होंगे तैनात
जिले में कुल तीन हजार मैनपावर जनगणना के लिए निर्धारित किए गए हैं।

इस अवसर पर अपर कलेक्टर ओंकार यादव, अपर आयुक्त विनय मिश्रा एवं डिप्टी कलेक्टर तुलाराम भारद्वाज सहित अन्य उपस्थित थे।