नगर निगम कॉलोनियों के आवासों की फ्री होल्ड प्रक्रिया एक साल बाद फिर शुरू

कोरबा। नगर निगम क्षेत्र की विभिन्न कॉलोनियों में आवासीय भवनों को फ्री होल्ड करने की प्रक्रिया एक साल बाद पुनः शुरू कर दी गई है। पूर्व में नजूल विभाग को भू-भाटक की राशि जमा नहीं होने के कारण इस प्रक्रिया पर रोक लगाई गई थी। अब निगम द्वारा बकाया राशि जमा करने के बाद नए सिरे से आवेदन लेना शुरू कर दिया गया है तथा पुराने लंबित आवेदनों पर भी कार्यवाही की जा रही है।

जानकारी के अनुसार, अविभाजित मध्यप्रदेश के समय वर्ष 1973 में 11 गांवों को शामिल कर साडा (कोरबा विकास प्राधिकरण) का गठन किया गया था। इसके तहत 1990 के दशक में कोसाबाड़ी क्षेत्र में करीब 210 एकड़ से अधिक जमीन आवासीय उपयोग के लिए ली गई थी। बाद में यहां भूखंड और आवास विकसित कर 30 वर्ष की लीज पर आवंटित किए गए। वर्तमान में आर.पी. नगर, शिवाजी नगर, साडा कॉलोनी, एम.पी. नगर और नेहरू नगर जैसी प्रमुख कॉलोनियां इसी योजना के तहत विकसित हैं।

इन कॉलोनियों में मकानों और भूखंडों की लीज अवधि पूरी होने पर नवीनीकरण की प्रक्रिया अपनाई जाती है।

तत्कालीन कांग्रेस सरकार द्वारा लीज पर दिए गए आवासों और जमीन को फ्री होल्ड करने की योजना लागू की गई थी, जिसमें हितग्राहियों को कलेक्टर गाइडलाइन के अनुसार निर्धारित शुल्क जमा करना होता है।

हालांकि, फ्री होल्ड के बाद नामांतरण के कई मामलों में जमीन शासकीय दर्ज पाई गई।इसका प्रमुख कारण राजस्व रिकॉर्ड का अद्यतन न होना और भू-भाटक की राशि जमा न किया जाना था। इस पर नजूल विभाग ने नगर निगम को लगभग 8.50 करोड़ रुपये जमा करने के निर्देश दिए थे।

निगम द्वारा उक्त राशि जमा करने की प्रक्रिया पूरी होने के बाद अब फ्री होल्ड की प्रक्रिया पुनः प्रारंभ कर दी गई है।

आवेदन की प्रक्रिया
आवासीय जमीन को फ्री होल्ड कराने के इच्छुक हितग्राही साकेत या संबंधित जोन कार्यालय में निर्धारित प्रारूप में आवेदन प्रस्तुत कर सकते हैं। आवेदन प्राप्त होने के बाद नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।

अपर आयुक्त नगर निगम कोरबा विनय मिश्रा ने बताया कि फ्री होल्ड प्रक्रिया के लिए आवेदन लेना शुरू कर दिया गया है और लंबित मामलों का भी निराकरण किया जा रहा है।