अविश्वास प्रस्ताव से पहले ‘अपहरण’ का आरोप, जांच में निकला मामला झूठा

कोरबा। जिले के कोरबा ब्लॉक अंतर्गत करूमौहा पंचायत में सरपंच के खिलाफ लाए गए अविश्वास प्रस्ताव से पहले कथित अपहरण का मामला सामने आने से हड़कंप मच गया। एक महिला पंच, उनके पति और दो बच्चों को अगवा किए जाने का आरोप लगते ही मामला तूल पकड़ने लगा।

ग्वाल राम यादव ने पुलिस अधीक्षक कार्यालय में शिकायत दर्ज कराते हुए बताया कि 16 मार्च को वार्ड क्रमांक 4 की पंच निर्मला, उनके पति दिलमोहन और दो बच्चों को सरपंच कविता कांदे सहित कुछ अन्य लोग एक सफेद टाटा पंच वाहन में अपने साथ ले गए। बताया गया कि वे चंद्रहासिनी देवी के दर्शन के लिए जा रहे हैं, लेकिन तीन दिन तक वापस नहीं लौटे और संपर्क भी नहीं हो सका।

यह पूरा मामला उस समय और गंभीर हो गया, जब पंचायत में सरपंच के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव की प्रक्रिया चल रही थी। बताया गया कि पूर्व में हुए पंचायत चुनाव में कविता कांदे सरपंच निर्वाचित हुई थीं, लेकिन बाद में पंचों ने उन पर मनमानी और विकास कार्यों में बाधा डालने के आरोप लगाते हुए अविश्वास प्रस्ताव प्रस्तुत किया। इस प्रस्ताव पर मतदान के लिए 25 मार्च की तिथि तय की गई है।

इधर, मामले की जांच के बाद पुलिस ने बड़ा खुलासा किया है। कोरबा सीएसपी प्रतीक चतुर्वेदी ने बताया कि अपहरण की बात पूरी तरह से झूठी निकली। जांच में सामने आया कि संबंधित परिवार अपने रिश्तेदार के यहां घूमने गया था।

पुलिस ने स्पष्ट किया कि परिवार के लौटने के बाद उनके बयान दर्ज किए जाएंगे और आगे की आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। मामले के सामने आने के बाद क्षेत्र में फैली सनसनी अब धीरे-धीरे शांत होती नजर आ रही है।