छात्रों के भविष्य से खिलवाड़: ब्रिलिएंट पब्लिक स्कूल को डीईओ का नोटिस,अभिभावकों की शिकायत पर हुई कार्रवाई

कोरबा। तुलसीनगर स्थित ब्रिलिएंट पब्लिक स्कूल की मुसीबतें थमने का नाम नहीं ले रही हैं। अब जिला शिक्षा अधिकारी (डीईओ) ने स्कूल प्रबंधन को नोटिस जारी कर सीबीएसई मान्यता संबंधी सभी दस्तावेज दो कार्य दिवसों के भीतर प्रस्तुत करने का निर्देश दिया है। यह कार्रवाई अभिभावकों की शिकायत और बिलासपुर में हुई इसी स्कूल की करतूत के बाद की गई है।

बिलासपुर से शुरू हुआ मामला, कोरबा तक पहुंची आंच
दरअसल, बिलासपुर में ब्रिलिएंट पब्लिक स्कूल ने बच्चों के साथ ऐसा किया कि उन्हें दोबारा परीक्षा देने के लिए मजबूर होना पड़ा। मामला इतना बढ़ा कि बिलासपुर कलेक्टर ने हस्तक्षेप करते हुए जांच के निर्देश दिए। अब इस मामले की गूंज कोरबा तक आई है, जहां स्कूल के खिलाफ अभिभावकों ने शिकायत दर्ज कराई है।

अभिभावकों ने लगाए गंभीर आरोप
कोरबा में ब्रिलिएंट पब्लिक स्कूल में पढ़ने वाले पांचवीं और छठवीं कक्षा के छात्रों के अभिभावकों ने कलेक्टर को शिकायत दी है। उनका आरोप है कि स्कूल ने सीबीएसई संबद्धता का हवाला देकर बच्चों का प्रवेश लिया और उनकी परीक्षा भी ले ली। लेकिन अब बच्चों को छत्तीसगढ़ पाठ्यक्रम (राज्य बोर्ड) के अनुसार दोबारा परीक्षा देने का निर्देश दिया जा रहा है।

अभिभावकों का कहना है, “हमारे बच्चों ने सीबीएसई पाठ्यक्रम के अनुसार पूरा साल पढ़ाई की। अब अचानक उन्हें राज्य बोर्ड के पाठ्यक्रम से परीक्षा देने के लिए मजबूर करना उनके भविष्य के साथ खिलवाड़ है। स्कूल प्रबंधन ने हमें गुमराह किया है।”

तोखन साहू ने मुख्य सचिव को लिखा पत्र
मामले की गंभीरता को देखते हुए केंद्रीय राज्य मंत्री तोखन साहू ने भी मुख्य सचिव को पत्र लिखा है। उन्होंने मामले की उच्च स्तरीय समिति से जांच कराने और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।

डीईओ ने जारी किया नोटिस
जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय की ओर से 18 मार्च 2026 को ब्रिलिएंट पब्लिक स्कूल के प्राचार्य को नोटिस जारी किया गया है। नोटिस में सीबीएसई बोर्ड से प्राप्त मान्यता संबंधी सभी दस्तावेज दो कार्य दिवसों के भीतर कार्यालय में प्रस्तुत करने का निर्देश दिया गया है। अब सबकी निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि स्कूल प्रबंधन नोटिस का क्या जवाब देता है और शिक्षा विभाग आगे क्या कार्रवाई करता है।

विवादों से घिरा रहा है स्कूल
यह पहली बार नहीं है जब ब्रिलिएंट पब्लिक स्कूल विवादों में आया है। स्कूल अपने शुरुआती दौर से ही विवादों में रहा है। स्कूल संचालक पर कई आरोप लगते रहे हैं। जिस भूमि पर स्कूल भवन बना है, उसके दस्तावेजों में हेरफेर का आरोप उनके ही परिजनों ने लगाया था और यह मामला कोर्ट तक पहुंच चुका है।

अब देखना होगा कि क्या ब्रिलिएंट पब्लिक स्कूल का वही हश्र होगा जो कौशल स्कूल के साथ हुआ था, या फिर स्कूल प्रबंधन किसी तरह इस मामले से बाहर निकलने में कामयाब हो जाता है।