नगाई में राशन घोटाले का खुलासा: पूर्व सरपंच, वर्तमान सरपंच, सचिव और विक्रेता को कारण बताओ नोटिस, जल्द दर्ज होगी FIR

कोरबा।कोरबा जिले के पाली विकासखण्ड अंतर्गत ग्राम पंचायत नगाई की शासकीय उचित मूल्य दुकान (आई.डी. 552004025) में खाद्यान्न वितरण में गंभीर अनियमितताओं और भारी स्टॉक की कमी का मामला सामने आया है। ग्रामीणों को पिछले चार महीनों से राशन न मिलने की शिकायतों के बाद अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) पाली द्वारा त्वरित जांच के आदेश दिए गए थे।

खाद्य निरीक्षक पाली द्वारा 26 फरवरी 2026 को मौके पर की गई जांच में चौंकाने वाले तथ्य सामने आए। दुकान के भौतिक स्टॉक और ऑनलाइन पोर्टल पर दर्ज मात्रा में भारी विसंगति पाई गई। जांच रिपोर्ट के अनुसार:

87.49 क्विंटल चावल

3.43 क्विंटल शक्कर

6.12 क्विंटल नमक

की भारी कमी दर्ज की गई, जबकि 7.60 क्विंटल चना स्टॉक में अधिक पाया गया। मौके पर उपस्थित ग्रामीणों और हितग्राहियों ने बयान दिए कि विक्रेता द्वारा उन्हें पिछले 2 से 3 महीनों से राशन वितरण नहीं किया गया है।

जांच में यह भी सामने आया कि वर्ष 2021 से दुकान का संचालन पूर्व सरपंच जयपाल सिंह तंवर द्वारा किया जा रहा था। उन्होंने ही अपने परिजन विजयपाल सिंह तंवर को विक्रेता नियुक्त किया था। वर्तमान सरपंच को आज तक दुकान का प्रभार हस्तांतरित नहीं किया गया है। इस लापरवाही और स्वेच्छाचारिता को छत्तीसगढ़ सार्वजनिक वितरण प्रणाली (नियंत्रण) आदेश 2016 की विभिन्न धाराओं तथा आवश्यक वस्तु अधिनियम 1955 की धारा 3/7 का स्पष्ट उल्लंघन माना गया है।

खाद्यान्न के निजी उपयोग, गबन और वित्तीय अनियमितता की गंभीर आशंका को देखते हुए अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) पाली ने निम्नलिखित व्यक्तियों को अलग-अलग कारण बताओ नोटिसजारी किया है:

वर्तमान सरपंच 

ग्राम पंचायत नगाई के सचिव 

पूर्व सरपंच जयपाल सिंह तंवर

विक्रेता विजयपाल सिंह तंवर

नोटिस में सभी को अपना लिखित स्पष्टीकरण प्रस्तुत करने का निर्देश दिया गया है। स्पष्ट चेतावनी दी गई है कि यदि निर्धारित समय-सीमा के भीतर संतोषजनक जवाब नहीं मिलता है, तो संबंधितों के खिलाफ आर्थिक अनियमितता, गबन और आवश्यक वस्तु अधिनियम के तहत प्राथमिकी (FIR) दर्ज की जाएगी तथा नियमानुसार एकपक्षीय कठोर कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।

यह मामला सार्वजनिक वितरण प्रणाली में पारदर्शिता और जवाबदेही की कमी को उजागर करता है। ग्रामीणों ने जांच में तेजी और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है ताकि अंतिम छोर पर पहुंचने वाला राशन सही लाभार्थियों तक पहुंच सके।